संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार शाम को हुई बारिश से डबवाली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के साथ करीब 15 से 20 मिनट तक हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की पकीं सरसों व गेहूं की फसलों को तबाह कर दिया।
ओलावृष्टि के कारण सबसे ज्यादा गांव डबवाली, जोगेवाला, हैबूआना, पन्नीवाला रूलदू, देसूजोधा, फुल्लो, मसीतां, सांवतखेड़ा, अलीकां, खुईयामलाकना और बनवाला क्षेत्र में नुकसान हुआ है। खेतों में गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई।
ओलावृष्टि के कारण गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गई हैं। मौसम में नमी बनी रहने पर दाने खराब हो जाएंगे। वहीं, जहां 10 अप्रैल तक गेहूं मंडियों में आने की उम्मीद थी अब और वक्त लग सकता है। कुछ गांवों में कटाई के लिए पूरी तरह तैयार सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। फलियां झड़ गई हैं।
80 प्रतिशत के आसपास हुआ है नुकसान : कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कई प्रभावित क्षेत्रों में सरसों की फसल करीब 80 प्रतिशत तक नुकसान हुई है। 6500 से 6600 रुपये मौजूदा समय में सरसों बिक रही है जो समर्थन मूल्य से 300 से 400 रुपये अतिरिक्त है। हरियाणा किसान एकता के नेता संतोख सिंह जोगेवाला ने सरकार से तुरंत विशेष गिरदावरी करवाने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा व राहत पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार को शीघ्र राहत प्रदान करनी चाहिए।