हनीप्रीत को गुरमीत राम रहीम अपनी मुंह बोली बेटी मानता है। राम रहीम पर हनीप्रीत का काफी प्रभाव भी रहा है। हनीप्रीत न केवल राम रहीम के साथ उसकी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री काम किया है, बल्कि डेरे के कई अहम फैसलों में उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। 25 अगस्त 2017 को राम रहीम को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था।
28 अगस्त 2017 को रोहतक की सुनानिया जेल में विशेष अदालत लगाकर राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला और सिरसा जिले के अलावा पंजाब के अनेक हिस्सों में हिंसा हुई थी, जिसमें 40 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
माना जा रहा है कि इस साजिश के पीछे हनीप्रीत का दिमाग काम कर रहा था। यही वजह है कि पुलिस ने पंचकूला हिंसा में हनीप्रीत को न केवल आरोपी बनाया बल्कि उस पर देश द्रोह का मामला भी दर्ज किया था। लेकिन पिछले दिनों सुबूतों के अभाव में पंचकूला की अदालत ने हनीप्रीत और 45 अन्य आरोपियों से देशद्रोह की धारा को हटा दिया।
इसके बाद हनीप्रीत ने बुधवार 6 नवंबर को अदालत में जमानत याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसे जमानत दे दी। हालांकि, हनीप्रीत से देशद्रोह की धारा हटने और जमानत मिलने पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हनीप्रीत की जमानत पर सवाल खड़े किये हैं।
उनका कहना है कि जब पुलिस के पास हनीप्रीत के खिलाफ सुबूत थे तो उन्हें कोर्ट में पेश क्यों नहीं किया गया? उन्होंने सरकार से हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करने की भी अपील की है। उधर, पंचकूला प्रशासन हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करने की तैयारी कर चुका है।
डेरे में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना के 12 नवंबर को होने वाले जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रंग रोगन का काम तेजी से चल रहा है। इस बार डेरे में पिछले सालों की तुलना में रक्तदान कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह रक्तदान कैंप बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस बार डेंगू के केसों की अधिकता को देखते हुए डेरे के अस्पताल प्रबंधन कमेटी ने मैनेजमेंट कमेटी के समक्ष बड़े स्तर पर रक्तदान कैंप लगाने की बात कही है। जिस पर डेरे ने पिछले सालों की तुलना में बड़ा रक्तदान का लक्ष्य रखा है। वहीं, प्रशासन भी 12 नवंबर को लेकर डेरे में होने वाले शाह मस्ताना के जन्म दिवस को लेकर अलर्ट है। हालांकि, डेरा प्रमुख राम रहीम के जेल जाने के बाद और सिरसा और पंचकूला में हिंसा होने के बाद डेरा हर बार कोई भी कार्यक्रम करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेता है।
समारोह में चार दिन शेष हैं, लेकिन डेरे की ओर से अभी तक प्रशासन से अनुमति नहीं मांगी गई। सिरसा के डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि डेरे की ओर से 12 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई अनुमति पत्र नहीं आया।
जेल में राम रहीम से मिलने से पहले हनीप्रीत को लेनी होगी अनुमति
सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से मिलने के लिए हनीप्रीत को जिला पुलिस और जेल अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। हनीप्रीत को बताना होगा कि वह राम रहीम से कब मिलना चाहती है, इसके बाद राम रहीम की सहमति से उसे मिलवाया जाएगा।
सुनारिया जेल अधिकारियों का कहना है कि अमूमन जेल में मिलनी का समय व तारीख तय होता है। लेकिन हाई प्रोफाइल मामलों में पहले से अनुमति लेनी होती है, ताकि उसके अनुसार तैयारी की जा सके। उन्होंने बताया कि संबंधित को मिलने के लिए दो आईडी प्रूफ भी जमा करवाने होंगे और निर्धारित समय अवधि तक ही मिलवाया जाएगा।