अनुमति के इंतजार में अटका है प्रोजेक्ट, लगाए जाने हैं 11 कैमरे
मानवाधिकार उल्लंघन की निगरानी के लिए पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना है अनिवार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नवस्थापित राजकीय रेलवे पुलिस थाना अब तक सीसीटीवी कैमरों से लैस नहीं हो पाया है। प्रदेश के सभी अन्य पुलिस थानों में यह व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में एक आदेश जारी करते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि हर पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि थानों के प्रवेश द्वार, लॉकअप, गलियारों, रिसेप्शन सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए जाएं। उन्हें 24 घंटे चालू रखा जाए।
ऐसा इसलिए था कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या मानवाधिकार उल्लंघन की निगरानी की जा सके। इसके बावजूद सिरसा का जीआरपी थाना इस व्यवस्था से अब तक वंचित है। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया जारी है लेकिन अनुमति न मिलने के कारण कार्य अटका हुआ है।
इलेक्ट्रिकल हाउसिंग कॉरपोरेशन सिरसा के जूनियर इंजीनियर नवरतन ने बताया कि उनकी ओर से आवश्यक कोटेशन तैयार कर संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। साथ ही हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर को इस संबंध में पत्र भी लिखा जा चुका है।
नवरतन ने कहा कि जैसे ही उच्च स्तर से स्वीकृति मिलती है तुरंत सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। योजना के अनुसार, इस थाने में कुल 11 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित हैं जो थाने के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों को कवर करेंगे। जीआरपी थाना प्रभारी रणबीर का कहना है कि थाने में अभी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
वर्जन
नए जीआरपी थाने में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलने के साथ ही कैमरे लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
-नवरतन, जेई इलेक्ट्रिकल हाउसिंग कॉरपोरेशन सिरसा।