संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के मुख्य रोड व रिहायशी क्षेत्र के साथ बनी ग्रीन बेल्ट में बीते सात वर्षों से नगर परिषद विकास कार्य नहीं करवा पाया है। इसके कारण ग्रीन बेल्ट की कहीं से चहारदीवारी टूटी पड़ी है, तो कहीं से ग्रिल ही गायब है। देखरेख के अभाव में लोगों ने यहां पर कब्जा कर रखा है। इसके कारण ग्रीन बेल्ट की हरियाली भी अब गायब होती जा रही है।
वर्ष 2016 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने ग्रीन बेल्ट को नगर परिषद को सौंप दिया था, ताकि नगर परिषद शहर वासियों की सहूलियत के अनुसार यहां पर पार्क और अन्य व्यवस्था कर सके। लंबा समय बीतने के बाद भी नगर परिषद ने यहां पर कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया गया। इसके बाद यहां के आसपास के लोगों ने कुछ क्षेत्र में खुद के खर्च कर पार्क व टहलने के लिए व्यवस्था की है। अधिक क्षेत्र की स्थिति अभी भी काफी खराब पड़ी है। ग्रीन बेल्ट में लगे पेड़ सूखे नजर आ रहे हैं। कूड़े, ईंट पत्थर व मलबे से ग्रीन बेल्ट भरी है।
अनाज मंडी के पास ग्रीन बेल्ट में डाला जाता है धान के अवशेष
डबवाली रोड पर स्थित अनाज मंडी के साथ भी ग्रीन बेल्ट बनी हुई है। यह क्षेत्र शहर का पॉश एरिया है। यहां के कुछ क्षेत्र में धान की सफाई के बाद निकलने वाले कूड़े और कचरे को डाला जाता है। मंडी वासियों की तरफ से बेल्ट के सुधार को लेकर कई बार अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है, लेकिन फिर भी कोई विकास कार्य नहीं हो पाए है।
शहर के डबवाली से रानियां बाइपास रोड पर करीब दो किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट बनी है। नागरिक अस्पताल के साथ इस बेल्ट में दो पार्क बनाए गए हैं। इसमें से एक पार्क की स्थिति ठीक है, जबकि दूसरी पार्क की स्थिति बदहाल हो चुकी है। पार्क के साथ ही डंपिंग प्वाइंट बना हुआ है। यहां पर दूर-दूर तक कूड़े के ढेर लगे हुए नजर आते हैं। मकानों का मलबा डाला गया है। यहां की पूरी हरियाली ही नष्ट हो चुकी है। अधिकारियों की तरफ से सख्ती न किए जाने के कारण लोग मनमानी कर रहे है।
-
वर्जन
ग्रीन बेल्ट की चहारदीवारी, ग्रिल सहित अन्य व्यवस्था करने के लिए जल्द ही एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद शहर वासियों की सुविधा के अनुसार ही मरम्मत कार्य व विकास कार्य करवाए जाएंगे। - अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद सिरसा।