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इस बार मंडी में नहीं लगेगा जाम, उठान के ठेकेदारों को दिए सख्त निर्देश

Fri, 07 Apr 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
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गेहूं खरीद के दौरान इस बार मंडी में जाम नहीं लगेगा। इसको लेकर मंडी प्रशासन ने कमर कस ली है। सभी उठान के ठेकेदारों को उठान सही समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आढ़तियों को भी सहयोग देने का आह्वान किया गया है। खरीद एजेंसियों को खरीद से संबंधित सभी निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार खरीद करने को कहा गया है। सभी तैयारियां पूरी हैं पर खरीद के छठे दिन भी गेहूं की आवक का श्री गणेश नहीं हो पाया।
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हर वर्ष गेहूं के सीजन में मंडियों में यातायात जाम की समस्या सबसे बड़ी समस्या होती है। इस बार ऐसा न हो इसके लिए मंडी प्रशासन ने पहले से ही कसरत शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सभी खरीद एजेंसियों, विभागीय अधिकारियों, उठान के ठेकेदारों व आढ़तियों की बैठक की गई है जिसमें सभी को निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में लिफ्टिंग का कार्य सुचारु रूप से जारी रहना चाहिए।

आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबाद ने गेहूं के सीजन के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला और उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए। इस पर संबंधित विभागों ने सकारात्मक तरीके से कार्य करने का आश्वासन दिया है। हर वर्ष आरोप लगते हैं कि उठान के लिए ठेकेदार प्रति बोरी नजराना मांगते हैं इस बार ऐसा न हो इसके लिए मार्केट कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी पैनी नजरें रखेंगे और ऐसा मामले प्रकाश में आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने बताया कि गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी थी पर आवक न होने के कारण खरीद शुरू नहीं हो पाई।

उन्होंने बताया कि सोमवार से आवक शुरू होने की पूरी उम्मीद है। आवक को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पेयजल, शौचालय, सफाई, लाइटें, सीवर आदि की व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग से भी आग्रह किया गया है। सीजन के दौरान पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और एक पीसीआर मंडी के इर्द-गिर्द ही लगाई जाए। इसके अलावा सभी एजेंसियों को खरीद को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब हर दिन खरीद एजेंसियों की टीम मंडी में आ रही है। जैसे ही आवक शुरू होगी तो खरीद का कार्य शुरू हो जाएगा।
बता दें कि जिले में दो लाख 92 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। गत वर्ष की बात करें तो जिले में एक करोड़ 10 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी जो प्रदेश में सबसे अधिक थी। इस बार गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल है।

सरसों की आवक जारी
भले ही अभी तक गेहूं की आवक का सिलसिला शुरू नहीं हुआ पर सरसों की आवक पिछले 20 दिनों से जारी है। सिरसा मंडी में सरसों की आवक हर रोज हो रही है। हर रोज 12 से 20 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नांदल ने बताया कि सरसों की उचंति बिक्री न हो इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। कहीं भी ऐसा मामला पकड़ में आया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में 50 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल है। इस बार सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3800 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि इसके साथ डेढ सौ रुपये बोनस भी दिया जा रहा है जिसके बाद किसानों को साढे ़39 सौ रुपये प्रति क्विंटल सरसों के रेट मिल रहे हैं। नमी की मात्रा अधिक होने पर या गुणवत्ता खराब होने पर रेट कुछ कम भी किया जा सकता है।

यातायात को सुचारु रखने के रहेंगे खास प्रबंध
गेहूं के सीजन में मंडी परिसर व आसपास की सड़कों पर जाम को लेकर खास प्रबंध रहेंगे। मंडी प्रशासन ने मार्च माह में पूरे मंडी परिसर में पीली लाइनें खिंचवाईं हैं। अब इन लाइनों के अंदर ही गेहूं की ढेरी लगाई जा सकेंगी। लाइनों के बाहर वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी गई है।
मंडी प्रशासन ने सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश जारी किए हैं कि पीली लाइन के भीतर लगी ढेरी की ही खरीद की जाए और आढ़तियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान की ढेरी पीली लाइन के बाहर न लगने दें। आढ़ती को व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही ढाई प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इसके अलावा मंडी के चारों ओर के रोड को 15 मई तक वन वे रखा जाएगा। यातायात पुलिस कर्मी मंडी की ओर आने वाली सड़कों पर मंडी की तरफ आने वाले वाहनों से पूछताछ करेंगे यदि उन्हें मंडी में नहीं जाना है तो दूसरे रूट से जाने को कहा जाएगा। मंडी क्षेत्र के सभी मार्गों पर सीजन में यातायात पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।

गेहूं अभी पकी नहीं है
मंडी में अब तक गेहूं न पहुंचने का कारण है कि गेहूं की फसल अभी कच्ची है। अगेती गेहूं को पकने में भी अभी पांच-सात दिन लगेंगे। पछेती गेहूं 15 अप्रैल के बाद पकेगी। पिछले तीन दिन से मौसम में हुई तबदीली से भी अब गेहूं की फसल दो-चार दिन देरी से पकेगी। आमतौर पर गेहूं की फसल वैशाखी के बाद ही पकती है।
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