संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि घग्गर नदी व रंगोई नाले का जलस्तर बढ़ने से जिले में आई बाढ़ के बाद किसानों व ग्रामीणों को संसाधन देने के बजाय इनके नाम पर शासन व प्रशासन के लोग बिल बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सरकार बाढ़ के प्रबंध करती तो आज प्रदेश के किसानों की लाखों एकड़ फसल बर्बाद नहीं होती। अब सरकार बाढ़ प्रबंधन के लिए सरपंचों को पैसा देने से कतरा रही है।
पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला सोमवार को गांव पनिहारी में बाढ़ प्रभावित लोगों से रू-ब-रू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच किसान के पक्ष की नहीं है। भाजपा के लोग तो अमीर-गरीब, हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई को आपस में लड़वाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। इस दौरान गांव के पूर्व सरपंच रामचंद्र, नंबरदार गुरचरण दास, ओमप्रकाश जाखड़ व दिनेश ढाका ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग न करने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने नियम कायदों को ताक पर रखकर सिरसा बरनाला रोड पर जलनिकासी के लिए बने साइफन रोक दिए, जिससे जहां मुसहिबवाला, पनिहारी, नेजाडेला व बुर्ज कर्मगढ़ के खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई। कर्मगढ़ में मकानों तक में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने चौटाला को बताया कि उनके खेतों में लाखों रुपये की लागत से लगाए नलकूपों व मवेशियों के लिए सालभर की भंडारण तूड़ी, भूसा भी पानी की भेंट चढ़ गए, जिससे साल भर तक मवेशियों का पालन मुश्किल हो जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने गांव रोड़ी में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन मा. शेर सिंह व कालांवाली नगरपालिका के उप प्रधान राजीव के पिता के निधन पर उनके परिवार से मिलकर अपनी संवेदना प्रकट की। इस दौरान उनके साथ कालांवाली हलकाध्यक्ष जसविंद्र बिंदू, विनोद बेनीवाल, महंत बलदेव दास, बुध सिंह पूर्व जिला पार्षद व मग्घर सिंह उपस्थित थे।