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Sirsa News: किसान आंदोलन में इंटरनेट बंद करना गलत, सरकार कोई और समाधान ढूंढे

Sun, 18 Feb 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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वरयाम सिंह सग्गू।
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सिरसा। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर किसी भी तरह की अव्यवस्था या अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट की सुविधा बंद कर दी गई है। जिससे आमजन से लेकर सबसे ज्यादा व्यापारी और महिलाओं से लेकर बुजुर्ग तक परेशान हैं।
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इंटरनेट बंद होन से व्यापार तो प्रभावित हो ही रहा है, लोगों का डिजिटल लेनदेन भी रुक गया है। आज के समय में इंटरनेट पर निर्भरता इस कदर बढ़ गई है कि उठने से लेकर सोने तक हर कार्य इसी के आधार पर हो रहा है। कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट पर पाबंदी बहुत ही गंभीर समस्या है।
शहरवासियों का कहना है कि आंदोलन के चलते इंटरनेट को बंद करना सही नहीं है। एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट बंद करने से कोई भी ऑनलाइन कामकाज नहीं हो पा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास ऑनलाइन पेमेंट का ज्यादा काम था। इंटरनेट पर पाबंदी से उनकी दुकानदारी पर भी असर पड़ा है। जेब में पैसे रखने की आदत लोगों की कम हुई है।
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ऐसे में नेट नहीं चलने से ग्राहक उधार करके चला जाता है। इसके चलते उनको रोजाना आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट बंद करना गलत है। क्योंकि यहां पर अक्सर किसानों और कर्मचारियों के प्रदर्शन होते रहते हैं। क्या सरकार हर बार इंटरनेट बंद करेगी। इस समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है। इंटरनेट बंद करने से नहीं।
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास इतना समय ही नहीं की बुजुर्गों के पास बैठें। फिलहाल मोबाइल फोन और इंटरनेट ही सहारा बना हुआ था। अब इंटरनेट पर पिछले कई दिनों से रोक लगी हुई है। जिससे मोबाइल फोन में भजन आदि नहीं सुन पा रहा हूं।
- बजरंग दास, शहरवासी।

कन्फेक्शनरी की दुकान पर सामान लेने के लिए लोग कई बार रुपये साथ नहीं लेकर आते। वो गूगल पे, फोन पे या अन्य एप के माध्यम से भुगतान करते थे, लेकिन अब इंटरनेट बंद होने से काम ठप हो गया है। पहले उनकी सेल ठीक हो जाती थी लेकिन अब बिल्कुल घट गई है।
-सन्नी धानुका, दुकानदार।


इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई पर असर पड़ा है। कई टॉपिक ऐसे थे जिन्हें ऑनलाइन या यूट्यूब के माध्यम से हल कर लेते थे। परीक्षाओं का समय चल रहा है। इंटरनेट पर रोक से उनकी तैयारी पर काफी असर पड़ा है। बता नहीं कब सर्विस बहाल होगी।
-आरजू सिंह, विद्यार्थी।

किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट को बंद करना सरकार का गलत फैसला है। आज हर काम ऑनलाइन हो गया है। पहले सरकार ने सभी को डिजिटल की आदत डाल दी, अब इंटरनेट बंद करके सभी काम ठप कर दिए। सरकार को इसका विकल्प तलाशना चाहिए।
-सुनील जाट, शहरवासी।
कन्फेक्शनरी की दुकान पर सामान लेने के लिए लोग कई बार नकद रुपये साथ नही लेकर आते तो गूगल पे, फोन पे या अन्य एप के माध्यम से पेमेंट करते थे। लेकिन अब इंटरनेट बंद होने से काम ठप हो गया है। पहले उनकी सेल ठीक हो जाती थी लेकिन अब बिल्कुल घट गई है।
-वरयाम सिंह सग्गू, दुकानदार।
इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई पर असर पड़ा है। इंटरनेट पर विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई किया करते थे। लेकिन अब पढ़ाई बिलकुल बंद हो गई है। आगामी दिनों में बोर्ड की परीक्षाएं है और विद्यार्थियों पढ़ाई हो नहीं पा रही है।
-कुलदीप मुंदलिया, समाजसेवी।
किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट सेवा बंद करना कोई अच्छी बात नहीं है। इसके और भी कई समाधान हैं। जिससे किसान आंदोलन को रोका जा सकता है। इधर तो सरकार सारा कुछ डिजिटलाइजेशन कर रही है और उधर इस समय इंटरनेट सेवा बंद करना कहां का औचित्य है। बच्चों की पढ़ाई सारी ऑनलाइन है। परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, विद्यार्थी किस प्रकार अपना पाठ्यक्रम पूरा करें और कैसे परीक्षा सुचारू रूप से दे पाएंगे।
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-राज कुमार खुगंर, रिटायर्ड लेक्चरर अर्थशास्त्र, सिरसा।
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