संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सरकार ने हरियाणा में सीईटी के परीक्षार्थियों की सीटें भी सीमित करने की योजना बनाई है। जिसे आम आदमी पार्टी किसी सूरत में लागू नहीं होने देगी। 28 जून को प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन की राह पकड़ी जाएगी।
यह बात आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व लोकसभा सचिव विरेंद्र कुमार एडवोकेट ने सिरसा की निजी संस्थान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने बताया कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 1.82 लाख पद खाली पड़े हैं, जबकि प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2023 को 13 हजार नए पदों को खत्म कर दिया है। प्रदेश में 24.80 लाख युवा बेरोजगार हैं। हर तीन स्नातक में एक बेरोजगार है।
विरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं भी हाशिए पर हैं। पिछले नौ सालों में सरकार ने चार हजार डॉक्टरों की भर्ती की, जबकि जरूरत 10 हजार डॉक्टरों की है। इसी प्रकार एमडी के 191 पद खाली पड़े हैं। वहीं महिला चिकित्सकों के 193 पदों में से 98 पद खाली पड़े हैं। इसी प्रकार सिविल सर्जन के कुल 143 पदों में से 68 पद वर्तमान में रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास की रफ्तार क्या होगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सीधे रास्ते से प्रदेश की जनता को सहुलियत न दी, तो आम आदमी पार्टी को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
इस मौके पर जिला सचिव व वरिष्ठ आप नेता श्याम लाल मेहता, जिला कार्यालय प्रभारी हंसराज सामा, जिला मीडिया प्रभारी अनिल चंदेल, युवा नेता रोहताश तेतरवाल मौजूद रहे।