सिरसा। प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए नए नियमों के तहत सिरसा मार्केट कमेटी ने सरसों टेस्टिंग की सरकारी लैब को बंद कर दिया है। इससे फसली सीजन में किसानों और आढ़तियों को नई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले यह लैब किसानों के लिए मुफ्त सेवा प्रदान करती थी लेकिन उन्हें निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है जिससे न सिर्फ अतिरिक्त खर्च बढ़ा है बल्कि निजी लैब की रिपोर्ट मान्य भी नहीं होती।
आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनोहर लाल मेहता, पूर्व सहसचिव महावीर शर्मा, आढ़ती सुशील कस्वां, सुशील रहेजा, और गुरजंट सिंह गिल ने सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह किसानों और आढ़तियों के लिए नाइंसाफी है। किसानों को पहले सरकारी लैब में बिना किसी शुल्क के सरसों की नमी की जांच करवाई जाती थी जो अब बंद हो जाने के कारण उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
इसके अलावा निजी लैब की रिपोर्ट पर आढ़तियों को भरोसा नहीं हो पा रहा है जिससे सरसों की खरीद में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के चलते पहले से ही परेशान किसानों और आढ़तियों को अब और ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सिरसा मार्केट कमेटी के सचिव वीरेंद्र मेहता ने बताया कि सरकारी लैब को दो साल पहले ही बंद किया जा चुका था लेकिन फिर भी ऑफलाइन तरीके से उसे चलाया जा रहा था। अब कंपनी ने ऑफलाइन लैब को बंद कर दिया है। सचिव ने आश्वासन दिया कि मार्केटिंग बोर्ड को लैब को फिर से चालू करने के लिए पत्र लिखा गया है। संवाद