बोले- पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को मिल रही तवज्जो, पार्टी को कमजोर करने वालों को आगे बैठाया जा रहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने 8 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक के दौरान मंच पर नेताओं की बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर व शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का बिना नाम लिए कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेता को मंच पर आगे बैठाया जा रहा है जबकि लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े लोगों की अनदेखी की जा रही है।
सेतिया ने कहा कि मंच के पीछे लगीं कुर्सियों पर उनके, विधायक देवेंद्र हंस व विकास सहारण के नाम की पर्चियां लगी थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने और देवेंद्र हंस ने उन पर्चियों को हटाकर आगे जाकर स्थान ग्रहण किया। उनके अनुसार मंच की पहली पंक्ति में पार्टी पदाधिकारियों और हाल ही में नियुक्त नेताओं को बैठाया गया जबकि निर्वाचित विधायकों के लिए पीछे स्थान निर्धारित किया गया।
सेतिया ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 37 विधायक जीते थे लेकिन राज्यसभा चुनाव के बाद चार-पांच विधायक पार्टी से अलग हो गए। ऐसे समय में संगठन को अपने विधायकों व कार्यकर्ताओं का सम्मान करना चाहिए। सेतिया ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को मंच पर प्रमुखता दी गई जिन्होंने पहले पार्टी को नुकसान पहुंचाया और बाद में वापस कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
ऐसे लोगों को आगे बैठाकर पार्टी गलत संदेश दे रही
सेतिया ने दावा किया कि जिन नेताओं की ओर उन्होंने संकेत किया, वे विभिन्न राजनीतिक दलों में आते-जाते रहे और चुनाव के दौरान कांग्रेस के खिलाफ भी काम करने के आरोपों का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को आगे बैठाकर पार्टी गलत संदेश दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी आपत्ति पार्टी की बैठक में भी स्पष्ट रूप से रखी थी और पार्टी हित में गलत बातों का विरोध करना जरूरी है। जनप्रतिनिधियों का सम्मान सुनिश्चित करना होगा।
कहा- पार्टी को कमजोर करने वालों को आगे बैठाया जा रहा है
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने 8 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक के दौरान मंच पर नेताओं की बैठने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर व शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का बिना नाम लिए कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेता को मंच पर आगे बैठाया जा रहा है, जबकि लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े लोगों की अनदेखी की जा रही है।
सेतिया ने कहा कि मंच के पीछे लगी कुर्सियों पर उनके, विधायक देवेंद्र हंस व विकास साहरण के नाम की पर्चियां लगी थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने और देवेंद्र हंस ने उन पर्चियों को हटाकर आगे जाकर स्थान ग्रहण किया। उनके अनुसार मंच की पहली पंक्ति में पार्टी पदाधिकारियों और हाल ही में नियुक्त नेताओं को बैठाया गया, जबकि निर्वाचित विधायकों के लिए पीछे स्थान निर्धारित किया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 37 विधायक जीते थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव के बाद चार-पांच विधायक पार्टी से अलग हो गए। ऐसे समय में संगठन को अपने विधायकों व कार्यकर्ताओं का सम्मान करना चाहिए। सेतिया ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को मंच पर प्रमुखता दी गई जिन्होंने पहले पार्टी को नुकसान पहुंचाया और बाद में वापस कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
ऐसे लोगों को आगे बैठाकर पार्टी गलत संदेश दे रही है
सेतिया ने दावा किया कि जिन नेताओं की ओर उन्होंने संकेत किया, वे विभिन्न राजनीतिक दलों में आते-जाते रहे और चुनाव के दौरान कांग्रेस के खिलाफ भी काम करने के आरोपों का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को आगे बैठाकर पार्टी गलत संदेश दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी आपत्ति पार्टी की बैठक में भी स्पष्ट रूप से रखी थी और पार्टी हित में गलत बातों का विरोध करना जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों का सम्मान सुनिश्चित करना होगा।
गोकुल सेतिया ने कहा कि यदि पार्टी को मजबूत बनाना है तो कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का सम्मान सुनिश्चित करना होगा। उनके अनुसार संगठन में सही संदेश और अनुशासन तभी कायम रहेगा, जब समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित महत्व दिया जाएगा।