सिरसा। नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारी को बंधक बनाने के मामले में आरोपी गोकुल सेतिया वीरवार को सीजेएम कोर्ट में पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अप्रैल 2024 को होगी। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने 6 सितंबर 2023 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसी दिन कोर्ट ने आरोपी गोकुल की नियमित जमानत को मंजूर कर ली थी। अब इस मामले में पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट की धारा हटा दी है। पुलिस जांच में उनपर एससी/एसटी एक्ट का आरोप साबित नहीं हुआ।
बता दें कि सिरसा विधानसभा सीट से आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके गोकुल सेतिया के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने जनवरी 2023 में सरकारी कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने, धमकी देने व एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी गोकुल ने 19 जनवरी 2023 को सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 21 जनवरी को कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद गोकुल ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। यहां से उन्हें राहत मिल गई थी।
दोनों पक्षों में जमकर हुई थी गाली-गलौज
बता दें कि नगर परिषद कार्यालय में रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर 11 जनवरी 2023 को 3 घंटे तक जमकर हंगामा हुआ था। गोकुल सेतिया ने एक सेवादार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया। इस दौरान सफाई कर्मचारी व गोकुल सेतिया आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों में गाली-गलौज भी हुई। नगर परिषद के ईओ ने गोकुल सेतिया व उसके समर्थकों पर कर्मचारी को बंधक बनाकर बैठाने और कार्यालय को हाईजेक करने का आरोप लगाया। नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे हरि विष्णु कॉलोनी निवासी मनोज कोचर ने आरोप लगाया कि बीते दो तीन माह से वह एनओसी निकलवाने के लिए आ रहा है, लेकिन अधिकारी प्लॉट की एनओसी नहीं निकाल रहे। ऐसे में उन्होंने नगर परिषद के ही एक सेवादार से बात की। इसके बाद सेवादार ने एनओसी के बदले 10 हजार की मांग की और पांच हजार रुपये में सौदा हुआ था।