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Sirsa News: झाड़ू लगा शहर की सफाई करने वाले बीमार ज्ञान सिंह के लिए भगवान बने साथी

Mon, 17 Jun 2024 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। शहर की सड़कों-गलियों को अपनी झाड़ू से साफ रखने वाले ज्ञान सिंह को आज खुद मदद की दरकार है। करीब डेढ़ माह पहले यानि 5 मई को ज्ञान सिंह जब ड्यूटी पूरी कर बाइक से अपने गांव भगवानपुर जा रहा था, तभी भावदीन के पास उसका एक्सीडेंट हो गया। जब उसे होश आया तो खुद को नगर परिषद के खंडहर भवन में पड़ा पाया। चार दिन तक वह वहां पड़ा रहा। पांचवे दिन सीएसआई व साथी कर्मचारी उसके पास आए और उसका उपचार शुरू करवाया। परिवार से अलग रह रहे ज्ञान के लिए उसके साथी मददगार बने हुए हैं।
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नगर परिषद कार्यालय के यूनियन कक्ष के बाहर बरामदे में खाट पर लेटे ज्ञान सिंह ने कहा कि हादसे से उसके एक पैर में फ्रैक्चर और कमर में गंभीर चोट है। जिसके कारण वह खाट पर पड़े रहने को मजबूर है। वह ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपना उपचार करवाना चाहता है ताकि वह दोबारा अच्छा जीवन जी सके। सीएसआई जयवीर सिंह ने बताया कि डेढ़ माह पहले वह पुराने नगर परिषद के खंडहर भवन में किसी काम से गए थे। इस दौरान किसी ने बताया कि एक कर्मचारी बुरी हालत में भवन की पिछली ओर पड़ा है। जब वहां गए तो उसके घावों में कीड़े चल रहे थे। सीएसआई ने तुरंत प्रभाव से एसआई पवन कुमार और उसकी टीम को मौके बुलाया। वे ज्ञान को उपचार के लिए निजी अस्पताल में लेकर गए।
15 साल पहले हो चुका तलाक
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि ज्ञान सिंह की पत्नी 15 साल पहले उसे तलाक देकर जा चुकी है। उससे और बच्चों से उसका कोई संबंध नहीं है। ऐसे में साथी कर्मचारी उसकी देखरेख कर पाएं, इसके लिए अधिकारियों से बात कर प्रतिदिन एक कर्मचारी की ड्यूटी ज्ञान सिंह की देखरेख के लिए लगाई गई है। डेढ़ माह तक कर्मचारियों की सेवा से उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ है। वहीं उसके भाई का लड़का गुरप्रीत भी सूचना मिलने पर नगर परिषद कार्यालय पहुंच गया। अब वह उनकी देखभाल कर रहा है।
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-ऑपरेशन के बिना कर्मचारी का चलना है मुश्किल
सीएसआई जयवीर सिंह ने बताया कि ज्ञान सिंह 25 से वर्षों से ड्यूटी कर रहा है। फिलहाल उसकी उम्र 52 साल के करीब है। दिल्ली और जयपुर में ज्ञान सिंह को उपचार करवाना पड़ेगा। चिकित्सकों से परामर्श कर हिसार जिंदल अस्पताल में भी उसके दस्तावेज भेजेंगे। जिंदल अस्पताल में उपचार संभव हो सका तो वहां पर करवाएंगे। वहीं ज्ञान सिंह ने भी नगर परिषद अधिकारियों से मांग की है कि उसको ऐच्छिक सेवानिवृत्ति दी जाए। ताकि वह उस पैसे अपना सही से उपचार करवा सके। जिससे आगे की जिंदगी सही से जी सके।
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