संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नेशनल कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में आरोपी प्राध्यापक को रिलीव कर दिया है। आरोपी प्राध्यापक के कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग के मुख्यालय को बार-बार पत्र भेजने के बावजूद एक्शन न लेने पर अब कॉलेज प्रबंधन ने यह कदम उठाया है।
कॉलेज प्रशासन की शिक्षक काउंसिल की बैठक में चर्चा की गई थी कि छात्राओं से छेड़छाड़ मामले का आरोपी प्राध्यापक को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया है। ऐसे में आशंका है कि प्राध्यापक कॉलेज ड्यूटी पर आएगा। दूसरी ओर, कॉलेज के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और अन्य स्टाफ सदस्य इस घटना से खफा हैं। इन लोगों ने चेतावनी दी थी कि यदि प्राध्यापक कॉलेज में आया तो कुछ अनहोनी घटना भी हो सकती है। ऐसे में कॉलेज प्रिंसिपल ने उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र लिखा। इसमें पूरी घटना से अवगत करवाया गया। साथ ही मार्गदर्शन मांगा गया कि आगे क्या किया जाए। इस पत्र में मांग की गई थी कि उक्त प्राध्यापक को वापस मुख्यालय बुला लिया जाए। रिमाइंडर भेजने के बावजूद भी उच्चतर शिक्षा विभाग ने कोई भी न तो एक्शन लिया गया और न ही कोई निर्देश दिए। ऐसे में अब कॉलेज प्रिंसिपल ने आरोपी प्राध्यापक को रिलीव कर दिया और कॉलेज कैंपस में प्रवेश पर रोक भी लगा दी।
ये है मामला
29 अप्रैल को नेशनल कॉलेज में एक प्राध्यापक की ओर से छात्राओं को फोन व मैसेज, छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया। कॉलेज प्रशासन से इसकी शिकायत पुलिस व मुख्यालय में भेजी। 29 अप्रैल को पीड़ित परिवार व छात्रों ने हंगामा कर दिया। कॉलेज प्रशासन की ओर से शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस आरोपी प्राध्यापक को अपने साथ थाने में ले गई। बाद में उसे जेल भेज दिया गया और इसके बाद उसे जमानत मिल गई। बता दें कि आरोपी प्राध्यापक 27 फरवरी को ही महेंद्रगढ़ कॉलेज से डेपुटेशन पर सिरसा के नेशनल कॉलेज में आया था। वहां पर भी शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ करने व छात्राओं को परेशान करने के आरोप थे। जिसके खिलाफ दो मामले भी दर्ज हैं।
वर्जन
आरोपी प्राध्यापक जेल से बाहर आ गया है। ऐसे में आशंका थी कि वह कॉलेज आएगा। दूसरी ओर, विद्यार्थियों, शिक्षकों की ओर से भी ये बात सामने आ रही थी कि यदि आरोपी प्राध्यापक कॉलेज आया तो माहौल बिगड़ सकता है। हमने उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया। इसलिए कॉलेज की काउंसिल की बैठक हुई और इसमें फैसला लिया गया। फैसले के आधार पर आरोपी प्राध्यापक को रिलीव कर दिया गया और कॉलेज कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी है। -डॉ. संदीप गोयल, प्रिंसिपल, राजकीय नेशनल कॉलेज, सिरसा।