महिलाओं तथा बेटियों की सुरक्षा के लिए गांव सावंतखेड़ा की पंचायत ने गांव के प्रत्येक कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। कैमरों का कंट्रोल रूम ग्राम सचिवालय में स्थापित किया गया है। जिला उपायुक्त के अनुसार प्रदेश का ऐसा पहला गांव हैं, जिसने ऐसी शुरुआत की है।
सोमवार देर शाम को उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कैमरों तथा ग्राम सचिवालय का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगने से गांव की सुरक्षा बढ़ी है। महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा गांव के प्रत्येक कोने, स्कूल, आंगनवाड़ी सेंटर, ग्राम सचिवालय, दूसरे गांवों से जुड़ने वाले रास्तों पर भी सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इससे अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने अन्य गांवों से आई पंचायतों से भी कहा कि आप भी ऐसे की कैमरे गांव में मुख्य चौराहों पर लगाएं जिससे कोई भी अनहोनी की आशंका कम होगी।
उन्होंने कहा कि इन सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच पड़ताल भी समय-समय पर करते रहें। उन्होंने कहा कि यह गांव पंजाब बॉर्डर के नजदीक है फिर भी इस गांव का लिंगानुपात बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटरों में सीसीटीवी कैमरे लगने से वहां का स्टाफ समय पर आएगा। सरपंच सुखजिंद्र सिंह ने बताया कि गांव सांवतखेड़ा चौराहे में स्थित है। गांव दीवानखेड़ा, डबवाली, मसीतां, सिरसा तथा मांगेआना को सड़कें निकलती हैं। प्रत्येक चौराहे को कैमरे में कवर किया गया है। गांव में 37 कैमरे लगाए गए हैं। जिन पर पंचायत का 3.70 लाख रुपये का खर्च आया है। सरपंच के अनुसार बढ़ती हुई चोरियों तथा महिला संबंधी अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए उपरोक्त कदम उठाया गया है।