चोपटा। क्षेत्र में शनिवार रात को सिरसा-भादरा रोड से 500 मीटर दूर गिगोरानी माइनर टूट गई। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। माइनर टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया। इस नहर को सिंचाई विभाग अब तक नहीं बांध पाया है। हालांकि रविवार को नहर में पानी बंद करवा दिया गया। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब माइनर टूटी है।
इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग की ओर से न तो स्थायी समाधान किया गया और न ही नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारी निगरानी करने से बचने के लिए माइनर में पानी जरूर कम छोड़ते हैं। इससे टेल पर लगने वाले किसानों को पानी की कमी रहती है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि माइनर में पानी के साथ आने वाली घास-फूस व अन्य प्रकार के कचरे को निकाला नहीं जाता है। इस कारण वह धीरे धीरे एक जगह पर जमा हो जाता है और जलप्रवाह बाधित करता है, जिससे माइनर टूट जाती है।
सूचना देने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
किसान शिव सहारण ने बताया कि उन्होंने शनिवार दोपहर करीब एक बजे माइनर में कचरे के कारण जलप्रवाह अवरूध होने की सूचना कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार को दी थी, लेकिन अभियंता ने पल्ला झाड़ लिया। माइनर टूटने से कई एकड़ में फैली फसलें जलमग्न हो गई हैं। एक ओर जहां फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं, दूसरी ओर नहर से दूर खेतों में सिंचाई न होने के कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है।