संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी का जलस्तर 54 हजार क्यूसेक तक चल रहा है। ऐसे में सिरसा के साथ-साथ रानियां व ऐलनाबाद में भी खतरा बढ़ गया है। ऐलनाबाद में घग्गर खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। यहां घग्गर का जलस्तर 35 हजार क्यूसेक पहुंच गया है, जो और बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों को 22 जुलाई तक बढ़ा दिया है। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि घग्गर नदी का जलस्तर अपने पीक तक पहुंच गया है और इसके बढ़ने की उम्मीद कम है।
सिरसा से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर मीरपुर गांव के साथ घग्गर नदी का पानी लगा हुआ है। रानियां शहर का क्षेत्र काफी नीचे है। चामल की तरफ छोटा तटबंध टूटा होने के कारण यहां से जलभराव होने का डर बना हुआ है। ऐलनाबाद शहर से भी घग्गर नदी से करीब सात किलोमीटर दूरी पर ही है। यहां भी छोटा तटबंध शहर की तरफ टूटा हुआ है। अब बड़े तटबंध के सहारे ही सभी शहरों में बचाव की आस लगी हुई है। इन तटबंधों में दरार या रिसाव आता है तो शहरी क्षेत्र में भी जलभराव होने का डर बना हुआ है।
तटबंधों के नीचे से डाली पाइपें अब बनी ग्रामीणों के लिए खतरा, जगह-जगह से हो रही लीकेज
घग्गर से पानी निकालने के लिए आसपास के ग्रामीणों की ओर से डाली गई पाइपें ही उनके लिए खतरा बनी हुई है। सरकारी आंकड़े के अनुसार नदी के तटबंध में 215 के करीब पाइपें डाली गई हैं। हकीकत में इसकी संख्या इससे कई गुणा है। अब ये पाइपलाइन जगह-जगह से लीकेज हो रही है। इससे बड़े तटबंध के टूटने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण अपनी पाइपों की जगह की जांच कर उस क्षेत्र में पहरा दे रहे हैं।
नदी के मुख्य तटबंध के साथ बसे हुए हैं 49 गांव
घग्गर नदी के अब करीब 10 जगह से छाेटे तटबंध जवाब दे चुके हैं। नदी का पानी अब मुख्य बड़े तटबंध पर डटा हुआ है। यहां नदी में चार से पांच फुट तक बह रहा है। ग्रामीण क्षेत्र व खेत इससे काफी नीचे है। दबाव अधिक होने के कारण तटबंध में डाली गई पाइप लाइनों से पानी का रिसाव गांव की तरफ हो रहा है। इसके कारण कभी भी मुख्य तटबंध टूटने का भी खतरा मंडरा रहा है। जिले के 49 गांव नदी के मुख्य तटबंध के साथ बसे हुए हैं। कई गांव वासियों की ओर से पहले ही पाइप लाइन के स्थान पर मिट्टी के बैग लगा दिए थे। जिन स्थानों पर रात के समय छोटा तटबंध टूट रहा है वहां पर पाइप लाइन के प्वाइंट को भी बंद करने का समय नहीं मिल पाया है। बीती रात को गांव अहमदपुर के पास भी रात के समय एक पाइप लाइन से पानी का रिसाव हो गया था।
बुर्जकर्मगढ़ के मकानों में आने लगीं दरारे, छतों पर रखा है सामान
बुर्जकर्मगढ़ के गांव में पानी घुसने के कारण यहां पर करीब 20 मकानों में दरारें आ चुकी हैं। गांव के सरकारी स्कूल की दीवार बीते दिन ही गिर गई थी। गांवों के बाहर बनी ढाणियों के दीवारों व मकानों की स्थिति खराब हो चुकी है। गांव वासियों की ओर से अपनी छतों के ऊपर सामान रखा गया है।
सेवा के लिए संस्थाएं आ रहीं आगे, कहीं लंगर तो कहीं आटा किया जा रहा वितरित
गांवों में बाढ़ जैसे हालात बनने के कारण अब गुरुद्वारे, डेरा सच्चा सौदा, युवा क्लब, सामाजिक संस्थाएं आगे आ रही हैं। किसी क्षेत्र में सेवादारों की ओर से लंगर बांटा जा रहा है तो किसी स्थान पर प्रभावित गांवों में आटा वितरित किया जा रहा है। वहीं चिल्ला साहिब गुरुद्वारा, बडागुढ़ा गुरुद्वारा सहित अन्य संस्थाओं की ओर से गांव व तटबंधों पर लंगर पहुंचाया जा रहा है। वहीं लोग फल, पानी, चाय भी ग्रामीणों को उपलब्ध करवा रहे हैं।
पंजाब की नहीं आ रही सिरसा में बसें, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सिरसा से सरदूलगढ़, मानसा और चंडीगढ़ के लिए पंजाब की करीब 20 बसें हर रोज सिरसा में पहुंची थी। मुसाहिबवाला के पास साइफन धंसने के कारण यह मार्ग बंद कर दिया गया है। यहां से भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बीते दो दिनों से सरदूलगढ़ व पंजाब के अन्य रूटों की बसें की आवाजाही भी बंद हो गई है। इसके कारण यात्रियों को डबवाली क्षेत्र से होकर जाना पड़ रहा है।