घग्गर के उफान में आने के बाद मंगलवार को सिरसा के ओटू वीयर के करीब नौ गेट खोल दिए गए हैं। हालांकि दसवां गेट खोला जाना था, लेकिन उसकी लोहे की तार टूट गई। जिस कारण वह गेट खोला नहीं जा सका। नौ गेट खोले जाने से काफी मात्रा में पानी राजस्थान में डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस समय राजस्थान साइफन में 10 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।
इससे पहले बीते दिन सात गेट खोले गए थे। ओटू में डाउन स्ट्रीम में नौ गेट खोले जाने के बाद आगे वाले गांवों में संकट बढ़ गया है। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से ओटू डाउन स्ट्रीम में पाइप लाइनों को भी बंद करवा दिया गया है। इस वजह से अब धान उत्पादकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ओटू में इस समय 26 हजार 450 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। इसके अलावा करीब 2250 क्यूसेक पानी विभिन्न नहरों एवं 2400 क्यूसेक पानी रंगोई नाले में चल रहा है। बीते दिन 25 हजार क्यूसेक पानी घग्गर में प्रवाहित हो रहा था। जलस्तर के घटने की उम्मीद लगाए बैठे तटबंधीय गांवों के किसान अभी भी चिंतित हैं।
लोग लगा रहे हैं ठीकरी पहला
ठीकरी पहरा लगातार जारी है और किसान बांधों को मजबूत करने के लिए लगातार तटबंधों पर मिट्टी डाल रहे हैं। हालांकि घग्गर ब्रांच के एक्सईएन एनके भोला ने बताया कि सरदूलगढ़ से पानी बुधवार तक 6 इंच कम हो जाता है तो ये राहत होगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कहीं पर भी कोई दरार नहीं आई।
पानी के स्तर को सामान्य करने के लिए गेट खोले जाते हैं। कम या ज्यादा गेट मायने नहीं रखते। गौरतलब है कि ओटू वीयर पर कुल 12 गेट हैं। इनमें से करीब नौ गेट खोले जाने के बाद अब तेज गति से पानी डाउन स्ट्रीम की तरफ जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि ओटू डाउन स्ट्रीम के बाद आगे घग्गर की धार बेहद संकरी है। ऐसे में तीव्र गति से पानी डिस्चार्ज होने के बाद आगे वाले गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
इन नहरों में चल रहा है पानी
घग्गर के उफान के आने के बाद ओटू से निकलने वाली नहरों में भी पानी प्रवाहित हो रहा है। इस समय कसाबा माइनर में 91, मंगाला माइनर 210, मंगाला डायरेक्ट 10, एनजीसी में 345, एसजीसी कच्ची में 145, एसजीसी पक्की में 654, शेरांवाली पेरलल 695, रत्ताखेड़ा 100, रंगाई नाला में 2400 क्यूसेक पानी चल रहा है।
कहां कितना जलस्तर
गुहला-चीका 3,080
खनौरी 6,275
चांदपुरा 10,900
ओटू 26,450
राजस्थान साइफन 9,200