रानियां के सरकारी स्कूल में नियमों को दरकिनार करके नौकरी प्राप्त करने वाली हिंदी गेस्ट लेक्चरर को स्कूल प्रिंसिपल करतार सिंह ने 21 जून को 32 लाख रुपये की रिकवरी डाली थी। इसकी समय सीमा 21 जुलाई 2020 थी। हालांकि एक दिन बीत जाने के बाद भी महिला गेस्ट लेक्चरर ने रिकवरी संबंधी नोटिस का जवाब नहीं दिया। ऐसे में शिक्षा विभाग अब महिला गेस्ट लेक्चरर को दोबारा से नोटिस का रिमाइंडर भेजने की तैयारी में है, ताकि राशि की रिकवरी की जा सकें। बता दें कि इस महिला गेस्ट लेक्चरर को एमआईएस पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी पर शक होने के बाद स्कूल प्रिंसिपल करतार सिंह ने जांच कमेटी बनाई थी और नियमों के विपरीत नौकरी पाए जाने पर उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
ये था मामला
रानियां के राजकीय वरिष्ठ उच्च माध्यमिक विद्यालय में 21 दिसंबर 2005 को महिला ने बतौर हिंदी गेस्ट लेक्चरर ज्वाइन किया था। महिला ने निदेशालय के एमआईएस पोर्टल पर जो जानकारी अपलोड की थी, उस पर मौजूदा प्रिंसिपल करतार सिंह को शक हुआ। जांच के लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। जांच में अपलोड की गई गई जानकारी फर्जी पाई गई। प्रिंसिपल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला गेस्ट टीचर को बर्खास्त कर उससे 15 साल में ली गई करीब 32 लाख रुपये सैलरी की रिकवरी डाली है।
खुद को स्थानीय बता ली थी नौकरी, नहीं दिया कोई प्रूफ
महिला के पति रानियां के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल थे, उनके पास डिप्टी डीईओ का अतिरिक्त चार्ज भी था। गेस्ट लेक्चरर भर्ती के नियमानुसार स्थानीय उम्मीदवार को ही वरीयता देनी थी। पद के लिए चार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, लेकिन प्रिंसिपल ने जो तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी, उसने 64 प्रतिशत वाले उम्मीदवार को यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि आप ग्रामीण क्षेत्र के है। कमेटी ने प्रिंसिपल की पत्नी को गेस्ट लेक्चरर पद पर चयनित किया। जबकि महिला ने स्थानीय निवास का कोई प्रूफ नहीं दिया था।
बर्खास्त महिला लेक्चरर की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उसे दोबारा रिमाइंडर भिजवाया जाएगा।
- संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।