संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रॉपर्टी टैक्स से पांच साल का कचरा शुल्क हटाने को लेकर नगर परिषद प्रशासन के पास कोई स्पष्ट आदेश नहीं आए है। ऐसे में पांच साल तक का कचरा शुल्क देने को लेकर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। खासकर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मालिक सबसे ज्यादा परेशान हैं। क्योंकि उन्हें हजारों रुपये का कचरा शुल्क देना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने मुख्यालय से इस संबंध में गाइडलाइन मांगी है। जो अभी तक नहीं आई है। हालांकि अधिकारियों की माने तो जब से नोटिफिकेशन जारी होगा, उसी आधार पर कचरा शुल्क लिया जाएगा।
बता दें कि नगर परिषद प्रशासन ने कभी कचरा शुल्क को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। परिणाम आज लाखों रुपये का कचरा शुल्क का नुकसान नगर परिषद को उठाना पड़ रहा है। हैरानी की बात है कि एजेंसी को एक मुश्त सालाना लाखों रुपये विभाग ने दिए हैं, लेकिन इसे जनता से एकत्रित करने को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अगर सरकार मौजूदा वित्त वर्ष से ही कचरा शुल्क लेने के आदेश देती हैं, तो एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान नगर परिषद को उठाना पड़ेगा।
याशी के सर्वे के बाद बनी समस्या
पूर्व पार्षद प्रतिनिधि अमित सोनी व पूर्व पार्षद विकास गुर्जर ने बताया कि याशी के सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसका मकसद था कि एक मुश्त दोनों चीजें नगर परिषद को भुगतान हो जाए। आम आदमी को अलग अलग दो चीज भरने के लिए चक्कर न काटने पड़े। अब बिलों में पिछले पांच साल का कचरा शुल्क जोड़ दिया गया है। इससे परेशानी खड़ी हो गई है।
शहर में प्रॉपर्टी की स्थिति
कुल प्रॉपर्टी - 95942 प्रॉपर्टी
रिहायशी - 78 हजार के आसपास
काॅमर्शियल - 19 हजार के आस पास
यह है ज्यादा प्रभावित
- होटल
- रेस्टोरेंट
- अस्पताल
- फैक्ट्री
- शोरूम संचालक
- मेडिकल स्टोर, मेडिकल एजेंसी
- किसी भी प्रकार की कॉमर्शियल एक्टिविटी करने वाले।
कब से कचरा शुल्क लेना है इसको लेकर कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है। नोटिफिकेशन जिस वर्ष से आएगा। उस वर्ष से प्रॉपर्टी धारकों से कचरा शुल्क ले लिया जाएगा।
-वीरेंद्र सहरावत, जिला नगर आयुक्त