कचरा निस्तारण मशीन 8 घंटे चली या नहीं, इसकी होगी जांच, प्रशिक्षणाधीन आईएएस यश जालुका ने किया मौके का निरीक्षण
- सफाई के लिए कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई, दमकल की एक गाड़ी स्थायी रूप से तैनात
- 23 अप्रैल से लगी कचरा प्लांट में आग अभी तक भी नहीं बुझ पाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के गांव बकरियांवाली स्थित कचरा प्लांट में कूड़ा बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक ओर कचरा प्लांट में आग नहीं बुझ पा रही वहीं दूसरी ओर कूड़ा आसपास के खेतों में भी बिखर रहा है। ऐसे में शिकायतें मिल रही हैं कि कचरा निस्तारण नहीं हो रहा। इसलिए प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। कचरा प्लांट के सीसीटीवी कैमरे का एक महीने का फुटेज का रिकार्ड तलब कर लिया गया है। इसमें जांच होगी कि क्या कचरा निस्तारण के लिए मशीन 8 घंटे चल रही है या नहीं।
गांव बकरियांवाली स्थिति कचरा प्लांट में 23 अप्रैल से लगी आग अभी तक नहीं बुझ पाई है। ऐसे में ग्रामीणों और किसानों ने एकत्र होकर अधिकारियों को शिकायत की। इस पर दोपहर बाद अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। अब निर्देश दिए गए हैं कि कचरा प्लांट की दीवार पर ग्रिलें लगाई जाएं ताकि कूड़ा आसपास के खेतों में न बिखरे। इसके अलावा खेतों में बिखरे कचरे की सफाई के लिए भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है। बुधवार को दोपहर बाद प्रशिक्षणधीन आईएएस यश जालुका ने कचरा प्लांट का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक और मुख्य सफाई निरीक्षक पवन कुमार भी साथ थे।
रास्ता मिला ब्लॉक, कचरा प्लांट में तीन बार दवा छिड़काव के दिए निर्देश
यश जालुका ने निरीक्षण किया तो देखा कि कचरा प्लांट की ओर जाने वाला रास्ता ब्लॉक था। रास्ते में भी गंदगी पड़ी थी। इसलिए इसे साफ करवाने के भी आदेश दिए हैं, ताकि रास्ता खुले। इसके अलावा कचरा प्लांट में दवाई का भी छिड़काव किए जाने के आदेश दिए हैं। अधिकारी को नगर परिषद की ओर से बताया गया कि अभी दिन में एक बार दवाई का छिड़काव किया जा रहा है ताकि मक्खी-मच्छरों से छुटकारा मिल सके। अधिकारी यश जालुका ने आदेश दिए कि दिन में तीन बार दवाई का छिड़काव करवाया जाए। साथ ही इसकी जियो टैगिंग कर रिपोर्ट भी भेजने के आदेश दिए हैं।
कचरा प्लांट पर दिन में तीन बार दवाई छिडकाव के आदेश दिए हैं। इसकी जियो टैगिंग कर रिपोर्ट भी भेजनी होगी। साथ ही ये कचरा प्लांट के सीसीटीवी कैमरा की एक महीने की रिकार्डिंग भी भेजने के लिए कहा गया है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कचरा निस्तारण की मशीन 8 घंटे काम कर रही है या नहीं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया चलाएंगे।
-यश जालुका, प्रशिक्षणाधीन आईएएस, सिरसा।