डबवाली कोर्ट परिसर में अंतर्राज्यीय अपराधी छोटू भाट पर हुए कातिलाना हमले की योजना फरीदकोट (पंजाब) की जेल में बनी थी। जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई व्हाट्स ऍप के जरिए हमलावरों को गाइड कर रहा था। हरियाणा पुलिस के इस खुलासे के बाद पंजाब की फरीदकोट जेल की व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गए गया है। पुलिस ने राजस्थान पुलिस के शिकंजे में फंसे चारों आरोपियों सहित लॉरेंस को प्रॉडक्शन वारंट पर हिरासत में लेने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
डबवाली पुलिस के अनुसार जब कोर्ट परिसर में छोटू भाट पर हमला हुआ, उस समय आरोपियों के पास दो मोबाइल फोन थे। एक मोबाइल कार में रखा हुआ था। जिसमें गंगा निवासी बलदेव सिंह बैठा हुआ था। वह कोर्ट परिसर में हमला करने गए अपने तीन साथियों अबोहर निवासी संदीप, प्रवीण उर्फ गोगी तथा जैतो मंडी निवासी गोबिंद का इंतजार कर रहा था।
पुलिस को संदेह है कि दूसरा मोबाइल आरोपियों के पास था। दोनों मोबाइल के जरिए आपस में बातचीत हो रही थी। पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि गोबिंद ने ही शूटर की भूमिका निभाई थी। उसके निशाने पर ही छोटू भाट था। डबवाली पुलिस ने राजस्थान पुलिस की इस बात को सिरे से खारिज किया है कि पुलिस की गोली आरोपी संदीप बिश्नोई को लगी। पुलिस का कहना है कि वारदात के समय गारद में तैनात पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग की थी। चूंकि अदालत परिसर में बहुत भीड़ थी। अगर आरोपियों को निशाना बनाकर फायर किया जाता तो अनहोनी हो सकती थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी भागते समय भी फायरिंग कर रहे थे। संभव है कि दीवार से टकराकर गोली संदीप की जांघ पर लगी। पुलिस के अनुसार भागते समय आरोपियों ने एक मोबाइल वहीं फेंक दिया। दूसरा मोबाइल राजस्थान पुलिस ने कब्जे में लिया है। आरोपियों ने बताया कि वे फोन से फरीदकोट जेल में बैठे लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हुए थे। व्हाट्स ऍप पर लॉरेंस ने ही छोटू भाट की फोटो भेजी थी। योजना भी वहीं से तैयार हुई थी। वहीं से वे गाइड हो रहे थे। पुलिस हैरान है कि क्या फरीदकोट जेल से यह सब हो रहा था। राजस्थान पुलिस को बरामद हुआ मोबाइल अहम राज खोल सकता है। दूसरी ओर वारदात में प्रयुक्त हुई गाड़ी पंजाब की है। पुलिस गाड़ी मालिक को भी मामले में नामजद करेगी।
बलदेव गाड़ी में क्यों रहा?
बलदेव गांव गंगा का रहने वाला है। छोटू भाट के समर्थक उसे अच्छी तरह से पहचाते हैं। जिस दिन छोटू भाट की पेशी थी, उस दिन बड़ी गिनती में उसके समर्थक कोर्ट परिसर में मौजूद थे। पहचान होने के डर से बलदेव गाड़ी में बैठा रहा। तीन अन्य युवकों के पास मोबाइल था। वे बारी-बारी से पेश किए जा रहे आरोपियों से छोटू भाट की फोटो का मिलान कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि उस दिन 19 मुजरिमों को पेश किया जाना था।
राजस्थान पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपियों ने बताया कि फरीदकोट जेल से लॉरेंस बिश्नोई ही उन्हें गाईड कर रहा था। बातचीत के लिए उन्होंने व्हाट्स ऍप का प्रयोग किया। हम खुद हैरान है कि जेल से ऐसा कैसे हो सकता है। बरामद हुए मोबाइल से अहम सुराग हाथ लगेंगे। साइबर सैल की मदद भी ली जा रही है।
-सुखदेव सिंह, प्रभारी, शहर थाना, डबवाली