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गंगा के ग्रामीणों ने मृत पशुओं को सड़क पर फेंककर लगाया तीन घंटे जाम

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Ganga villagers throw dead animals on the road and go for 3 hours - फोटो : Sirsa
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गंगा में कुछ समय से बंद पड़ी हड्डा रोड़ी को पुन: प्रारंभ किए जाने का विवाद गहरा गया है। दो फरवरी को एसडीएम को दिए ज्ञापन के अनुसार दी गई चेतावनी के मद्देनजर शनिवार को बाबा समाधां वाला गोशाला के पदाधिकारी व ग्रामीणों ने मृत गोवंश सड़क पर फेंक दिए। ग्रामीणों ने सिरसा-संगरिया रोड पर जाम लगा दिया। जिससे कि वाहनों का आवागमन ठप हो गया। जाम को देखकर गोरीवाला पुलिस ने दोनों ओर से आने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते से निकलवाया। वहीं ग्रामीणों ने तीन घंटे तक धरना दिया। बीडीपीओ ओमप्रकाश ने आकर 24 फरवरी के बाद इस समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही सोमवार को एक बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों व गोशाला पदाधिकारियों ने जाम खोला व मृत पशुओं को पंचायती जमीन पर अस्थाई तौर पर दफनाया।
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धरने पर बैठे गोशाला के प्रधान जगदीश कुमार, रामकुमार, नर सिंह, महीराम, सुरजीत सिंह ने बताया कि गंगा गांव की गोशाला में करीब 1600 पशुओं का रखरखाव किया जाता है और गोशाला में बूढ़े और बीमार पशु आते हैं। ऐसे में प्रतिदिन कोई न कोई पशु मरता है, लेकिन इसे दफनाने के लिए गांव में हड्डा रोड़ी नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गिदरखेडा रोड पर वर्षों पुरानी हड्डा रोड़ी बंद पड़ी है। पंचायत ने दूसरी ओर हड्डा रोड़ी बनाई तो उस पर स्टे हो जाने के कारण ग्रामीण मृत पशुओं को आनन-फानन में जहां भी जगह मिलती है वहीं दफना देते हैं। वहीं पुरानी हड्डा रोडी को लेकर भी कुछ लोग कोर्ट से स्टे हासिल कर लाए। ऐसे में पशुओं को दफनाने की बजाए उसका अंतिम संस्कार करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पशु मर जाने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। जिसका काफी समय से कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। वहीं प्रशासन के संज्ञान में मामला होते हुए भी इस कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीणों व गोशाला कमेटी ने मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को चेताया कि मृत गोवंश पशुओं को उठाकर ले जाए व उनका अंतिम संस्कार किया जाए। जिससे ग्रामीणों को तीन वर्ष से आ रही हड्डा रोड़ी की परेशानी से निजात मिल सके।
धरनारत ग्रामीणों के पास पहुंचे बीडीपीओ ओमप्रकाश ने ग्रामीणों व गोशाला कमेटी के सदस्यों को सोमवार तक समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। इसी दौरान 24 फरवरी तक बीडीपीओ ने सरपंच के सहयोग से मृतक पशुओं का अंतिम संस्कार का बीडा उठाया है। धरना समाप्त होने के बाद पंचायत ने मृत पशुओं को पंचायती जमीन पर दफनाया।
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हरिजन बस्ती के पास है हड्डा रोडी, लोगों ने कोर्ट में दायर किया केस
गांव के ही पप्पू सिंह, उदयराम, गुरप्रीत सिंह, मखन सिंह, विक्रम सिंह, कौर सिंह, पंच बलदेव सिंह ने बताया कि उनके पड़ोस में ही आबादी वाले क्षेत्र में हड्डा रोड़ी स्थित है। कुछ समय पहले आवारा कुत्ते एक घर से एक बच्चे को उठाकर ले गए, जिसका आज तक कोई पता नहीं। तब जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने जांच की और तब फैसला किया गया कि इस हड्डा रोडी को हटाया जाए। इसके बाद भी आवारा कुत्तों ने गांव की एक युवक के पेट को चीर दिया। हड्डा रोडी पर आने वाले आवारा कुत्तों के कारण ही आस पड़ोस के लोगों में भय का माहौल है। पंचायती तौर पर एक प्रस्ताव पास करके इस हड्डा रोड़ी को बंद कर दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद अब फिर से इस हड्डा रोड़ी को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, इसलिए हमने इस मामले को कोर्ट में ले गए। कोर्ट ने 24 फरवरी तक स्टे दिया हुआ है।
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