फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा खूनी संघर्ष मामले में मुख्य हमलावर को सात साल कैद

Thu, 15 Dec 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
court shimla
विज्ञापन
सिरसा। गांव गंगा में जनवरी 2015 को हुए खूनी संघर्ष मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने मुख्य हमलावर जीत सिंह को सात साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है जबकि अन्य चार हमलावरों को छह-छह माह कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न भरने पर एक-एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन

मामले के अनुसार गांव गंगा निवासी जगरूप सिंह का पड़ोस के लोगों से गली निर्माण कार्य को लेकर विवाद चल रहा था। दो जनवरी 2015 को जगरूप सिंह गली में जा रहा था, अचानक पड़ोसी सर्वजीत सिंह उसके साथ गाली-गलौच करने लगा। इसके बाद सर्वजीत सिंह व उसके साथी मंदर सिंह ओर बग्गा सिंह ने जगरूप सिंह पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जगरूप सिंह ने शोर मचाया तो उसकी रिश्तेदार परमजीत कौर व भाई पंछी उसे छुड़वाने आए। तभी पाल सिंह व रामजी लाल ने दोनों को पकड़कर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में जगरूप सिंह, परमजीत कौर व पंछी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। सूचना मिलने पर डबवाली सदर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल जगरूप सिंह का बयान दर्ज किया। पुलिस ने बयानों के आधार पर पाल सिंह, सर्वजीत सिंह, मंदर सिंह, बग्गा सिंह और रामजी के खिलाफ धारा 305/323/307/34 के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया।  23 महीने जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत में यह केस चला। बुधवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मुख्य हमलावर पाल सिंह को सात साल व अन्य चार हमलावरों को छह-छह महीने की सजा सुना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें