संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पहाड़ों में बर्फबारी का असर मैदानों में भी आ रहा है। इसके कारण जिले का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसका असर खेतीबाड़ी और पशुओं के स्वास्थ्य के साथ दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ रहा है।
हालांकि राहत की बात यह है कि दिन के समय अच्छी धूप निकल रही है। तापमान में गिरावट से दोपहर बाद ही ठंड ठिठुराने लगती है। शरीर को गर्म करने के लिए लोग आग का सहारा ले रहे हैं। वहीं ठंड का सबसे ज्यादा असर फसलों पर हो रहा है। तापमान में गिरावट आने से फसलों पर पाला जमना लगा है। इससे कारण किसानों की भी चिंता बढ़ने लगी है।
बुधवार को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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सरसों के पौधों पर पाले की सफेद परत
किसान राजेंद्र, बक्शी, पालाराम, कुलदीप, हेतराम और विजय सिंह आदि ने बताया कि सब्जी की बेलों पर पाला जम रहा है। इससे पौधों के पत्ते पीले होकर गिर रहे हैं। इससे सब्जी के उत्पादन पर प्रभाव पड़ने के साथ उनकी वृद्धि भी रुक रही है। अभी गेहूं और अन्य रबी फसलों में नुकसान नजर नहीं आ रहा है।
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ठंड में पशुओं को देखभाल की ज्यादा जरूरत
किसानों व पशुपालकों का कहना है कि ठंड में दूध का उत्पादन कम होने के साथ-साथ पशुओं का रखरखाव भी बढ़ गया है। गिरते तापमान के कारण पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पराली आदि बिछानी पड़ रही है। जिसके कारण अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. सुखविंद्र का कहना है कि चारे से मिली ऊर्जा का उपयोग पशु शारीरिक रखरखाव, वृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में करते हैं। इसलिए उनके लिए चारे का अच्छा प्रबंध रखें। ठंड के दिनों में उनको तापमान नियंत्रित रखने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। सर्दियों में पशु चारा खाना और पानी पीना कम कर देते हैं। दूध उत्पादन बरकरार रखने के लिए किसान पशुओं को अतिरिक्त पोषण दें। गुनगुना पानी पिलाएं। चारा में दाने की मात्रा बढ़ा दें। दुधारू पशुओं को गुड़ खिलाएं। ऐसा चारा दें, जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक हो। पशुओं को खुले में मत रखें। जहां पशु बैठते हैं, वहां पराली को बिछा दें, ताकि नीचे से गर्मी मिलती रहे।
खांसी-जुकाम के बढ़ रहे मरीज
नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ की ओपीडी में खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 80 से 90 मरीज खांसी-जुकाम का उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भारत भूषण का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही मरीज बढ़ रहे हैं। ठंड में लापरवाही बरतने से वे बीमार हो रहे हैं। बुजुर्ग सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से परहेज रखें। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए पूरे कपड़े पहने।
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जिले में 22 दिसंबर तक मौसम खुश्क रहने तथा उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं हल्की गति से चलने से दिन व रात्रि तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। जिससे जिले में अलसुबह हल्की धुंध छाए रहने के आसार हैं। परंतु एक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 21 व 22 दिसंबर को राज्य में आंशिक बादल संभावित है। - डॉ. मदनलाल खिचड़, विभागाध्यक्ष, एचएयू हिसार।