डबवाली। डबवाली को जिला बनाया जाना बेहद जरूरी है। जिला बनने के बाद ही डबवाली का बेहतर तरीके से विकास हो पाएगा। मौजूदा समय में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर बेहतर शिक्षा प्रणाली को शहर तरह रहा है। इतना ही नहीं, नशे को लेकर एकजुटता के साथ समाज को आगे आना होगा।
पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली इस दिशा में संतोषजनक नहीं है। इसलिए हर वार्ड और हर गली स्तर पर लोगों को एकजुट होकर मेडिकल नशे और चिट्टे के खिलाफ बिगुल बजाना होगा। ये बातें डबवाली में लोक निर्माण विश्राम गृह में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के दौरान शहर के मौजिज लोगों ने कहीं।
इस दौरान नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा भी विशेष रूप से पहुंचे और शहर विकास व समस्याओं पर अपने विचार रखे। संवाद में एक ओंकार नामधारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में काम करने की जरूरत है। चिकित्सकों से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़े स्तर पर कमी है। वही, नशे को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस व प्रशासन मिलकर इस दिशा में काम करें।
प्रेम कन्वाड़िया कि प्राइमरी स्कूलों के हालात बेहद खराब है। भवन जर्जर होने पर स्कूल पार्क में चल रहे हैं। चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने अवगत करवाया कि इस दिशा में काम चल रहा है। जल्द ही सभी बंदर पकड़वाए जाएंगे। व्यापारी नरेश सेठी ने कहा कि पार्किंग की समस्या एकजुट होने से बाजारों में हल हो गई है। इसके अलावा बेसहारा पशु, अतिक्रमण जैसे कई मुद्दे है, जिनके समाधान की दिशा में काम करने की जरूरत है।
राज पार्श्व ने कहा कि नशे के कारण स्लम एरिया में बुरे हालात है। स्लम एरिया में धर्मशालाओं, स्कूलों की हालत खस्ता हो चुकी है। इस दिशा में प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए और चीजों को दुरुस्त करवाना चाहिए। राजकुमार चानरिया ने कहा कि वार्ड 13 में आंगनबाडी के बुरे हालात हैं। आशीष मेहता ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए सभी संयुक्त प्रयास करने होंगे। खेल और रंगमंच दो ऐसी चीज है। जिनसे युवा जुड़ेगा तो वह नशे की दिशा में नहीं जाएगा। इसके साथ ही पशुओं के गोबर व मूत्र से उत्पाद बनाने की दिशा में काम होना चाहिए।
जिला नगर अस्पताल अल्ट्रासाउंड की जरूरत है और लंबे समय से यह मांग रही है। नागरिक अस्पताल में अंबाला से अल्ट्रासाउंड मशीनें आईं थी, जिन्हें सरकार ने वापस मंगवा लिया। इसके बाद आज निजी अस्पताल के बाहर सुबह से लेकर रात 11 बजे लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ता है।
- राजेश जैन, नंदीशाला के सदस्य।
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शिक्षा की दिशा में काम होना चाहिए। सिरसा में बनने वाली आईआईटी डबवाली में बननी चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए युवाओं को पंजाब, राजस्थान व अन्य शहरों में जाना पड़ता है। रंगमंच के साथ युवाओं को जोड़ना जरूरी है। बड़े-बड़े कलाकार डबवाली से निकले हैं।
- संदीप साद, रंगमंच कर्मी
शहर को जिला बनाना ही बेहद जरूरी है। जिला बनने के बाद ही सुधार की दिशा में काम होगा। मूलभूत सुविधाओं की दिशा में सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। सुविधाओं के अभाव में आमजन को परेशान होना पड़ता है।
- रवि माेंगा, सामाजिक कार्यकर्ता
बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। पूर्व में बंदर पकड़वाए गए थे। बंदरों को पकड़वाने का नगर परिषद काम करे। इसके अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करवा जाना चाहिए।
- सुमित अनेजा, व्यापारी।
खेल स्टेडियम का निर्माण किया गया था, लेकिन खेल सुविधाएं नहीं मिली। खेल प्रेमियों ने खेल सुविधाएं विकसित की तो राजनीति शुरू हो गई और आज खेल स्टेडियम के हालात बदतर हैं। डबवाली में उद्योग की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। यही कारण है कि युवा डबवाली छोड़कर बाहर रोजगार के लिए जा रहे हैं।
- ललित कुमार, व्यापारी
इंडोर स्टेडियम बनाया गया था। वह किस खेल के लिए बनाया गया है। आज तक कोई जान नहीं पाया है। उसके भी बुरे हालात हैं। इतना ही नहीं, सालों पहले ओपन एयर थियेटर बना था। इसमें आज तक कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है। खेल और रंगमंच की दिशा में युवाओं को साथ लाने की जरूरत है। वह नशे से दूरी बना लेंगे।
- गुरदीप कामरा, समाजसेवी
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विकास की दिशा में काम किया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण के कार्य चल रहे है। गुजरात गैस एजेंसी को गड्ढे खोदने के कारण आने वाली परेशानियों के लिए नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा सभी मौअजिज लोगों की मांग को नोट किया गया है। उन पर काम करवाया जाएगा। डबवाली को जिला बनाया जाना चाहिए, ताकि विकास की गति को रफ्तार मिले।
- टेकचंद छाबड़ा, चेयरमैन, नगर परिषद, डबवाली।
शहर की इन समस्याओं का समाधान होना जरूरी
- शहर में बेसहारा पशुओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्य हो।
- डबवाली में आईआईटी स्थापित की जाए।
- डबवाली में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार काम करें।
- रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जाए।
- स्ट्रीट लाइट्स व हाईवे की लाइट्स को दुरुस्त करवाया जाए।
- खेल सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- बाजारों में पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
- प्राइमरी स्तर के स्कूलों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, जो पार्क व धर्मशालाओं में चल रहे हैं।
- युवाओं को रंगमंच की दिशा में लेकर जाना चाहिए।