सिरसा। झज्जर और रोहतक से पहुंची 38 कंडम बसों में से रोडवेज ने केवल चार बसों की ही अब तक मरम्मत करवाई है। बसों की मरम्मत पर अधिक खर्चा आने और इसके बाद भी सही तरह से संचालन न हो पाने के कारण महाप्रबंधक की ओर से मरम्मत का काम रुकवाया गया है। वहीं मुख्यालय को भी इस संबंध में जानकारी दी गई है। वहीं रोडवेज बेड़े में यूरो सिक्स एक नई शामिल हुई है। अब तक रोडवेज में कुल चार नई बसें शामिल हो चुकी है। जिसके चलते यात्रियों को भी इसका काफी लाभ मिल रहा है।
झज्जर और रोहतक में 10 वर्ष तक बसों का संचालन होने के बाद वहां के डिपो से सिरसा में 38 बसों को भेजा गया था। जिनकी स्थिति भी काफी खराब थी। मुख्यालय की ओर से करीब एक माह पहले सिरसा डिपो में बसों को भेजा गया था। बसों के टायर फटे होने, सीटों की स्थिति खराब सहित काफी खामियां पाई गई थी। जिसके बाद रोडवेज वर्कशाप के कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद चार बसों की ही मरम्मत की है। जिन्हें रोड पर उतारा गया है। मरम्मत होने के बाद भी बसें रोड पर ही खड़ी है। जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ऐसे में महाप्रबंधक ने मामले की सूचना मुख्यालय में देकर बसों की मरम्मत करवाने का काम भी बंद करवा दिया है।
रूट प्लान तैयार किया जा रहा है
सिरसा डिपो में अब तक चार नई बसें पहुंची है। रोडवेज बेड़े में एक सप्ताह पहले तीन बसें पहुंची थी। जिन्हें चंडीगढ़, पोकरण और जयपुर के रूट पर चलाया जा रहा है। इसके बाद अब एक नई बस बेड़े में शामिल हुई है। जिसके लिए रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। वहीं रोडवेज बेड़े में अभी यूरो सिक्स 18 बसें जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है।
वर्कशाप में कर्मचारियों की कमी से बढ़ी परेशानी
रोडवेज वर्कशाप में कर्मचारियों की कमी होने के बाद कंडम बसों की भी मरम्मत समय पर नहीं हो पा रही है। झज्जर और रोहतक की कंडम बसों केे ठीक करने के बाद उन्हें रूट पर रवाना किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी वह बसें बीच रास्ते में ही खड़ी हो रही है। ऐसे में वर्कशाप में कर्मचारियों की कमी होने के कारण उन्हें मरम्मत करने में भी अधिक समय लग रहा है।
रोहतक और झज्जर से पहुंची बसों की मरम्मत का काम रुकवा दिया है। बसों की स्थिति खराब होने के संबंध में मुख्यालय को भी इसकी सूचना दी गई है। चार बसों की ही मरम्मत की गई थी। जिनका संचालन किया जा रहा है।
केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो ।