संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में सोमवार को पूर्व कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीडीएलयू सिरसा में एक अच्छे शिक्षण संस्थान में होने वाली हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसी भी उच्चतर शैक्षणिक संस्थान की पहचान भी वहां पर चल रहे शोध कार्यों से होती है। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों व शोधार्थियों में शोध के प्रति विशेष रूचि है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के भौतिक एवं बौद्धिक विकास को देखते हुए आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाला समय काफी सुनहरा होगा। यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद विद्यार्थी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
कुलपति ने कहा कि जो विद्यार्थी अपना लक्ष्य निर्धारित करके जीवन में आगे बढ़ता है, सफलता उसके कदम चूमती है। उन्होंने सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ राजेश कुमार बंसल ने प्रो. मलिक के कार्यकाल के दौरान हुए विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत ब्योरा दिया। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रोफेसर सुरेश गहलावत तथा प्रोफेसर शैलेंदर सिंह ने पूर्व कुलपति का स्वागत किया।
सीडीएलयू ने गुणवत्तापरक शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान किए स्थापित
प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने लगभग चार साल के कार्यकाल के अनुभव सबके साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करके सीडीएलयू ने गुणवत्तापरक शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अमूलचूल परिवर्तन आ रहे हैं। इन परिवर्तनों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों को भी अपनी भावी योजनाएं तैयार करनी होंगी। उन्होंने कहा कि सीडीएलयू के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास हेतु अनेक सुझाव प्रदान किये। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी उषा मलिक भी उनके साथ थी।