संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी के पानी से जिले के 49 गांव प्रभावित हैं। कई गांवों के चारों तरफ पानी जमा है। अब बाढ़ का यह पानी लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ रहा है।ग्रामीण उल्ट-दस्त, बुखार, जुकाम, बीपी, शुगर व चोट लगने से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि नागरिक व पशु किसी नई बीमारी की चपेट में न आए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आशा वर्कर्स, एनएनएम व एमओ को लगातार निगरानी रखने व कोई मरीज में नई बीमारी के लक्षण मिलने पर उसकी तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं क्षेत्रों में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने भी 34 टीमें लगाई गई है। इसमें वेटरनरी सर्जन गांवों व ढाणियों में पहुंचकर पशुओं की जांच कर रहे है। अभी तक सामान्य ही बीमारियों संबंधित पशु पाए जा रहे हैं।
घग्गर का जलस्तर अब लगातार कम हो रहा है। जिससे जिला वासियों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि नदी के पानी से 49 में से 28 गांव अधिक प्रभावित हैं। इनमें से किसी गांव के चारों तरफ तो किसी गांव के दो व तीन तरफ जलभराव है। खेत व ढाणियों में जलभराव हो गया है। ऐसे में बाढ़ के पानी के कारण लोग बीमार भी हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक गांव में पांच आशा वर्कर्स, एक एएनएम, पांच से सात गांवों में एक मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी लगाई है, जोकि इन गांवों के मरीजों की रुटीन जांच कर हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच मोबाइल टीमें भी बनाई गई हैं, जोकि तटबंधों पर पहुंचकर मरीजों की जांच कर उन्हें दवाई उपलब्ध करवा रहे हैं। हालांकि अभी सामान्य बीमारी के मरीज मिल रहे हैं। इनमें उल्टी, दस्त, बुखार, जुकाम, बीपी, शुगर, चोट लगने शामिल हैं। इन में अभी फ्लू व अन्य नई बीमारी संबंधित कोई भी लक्षण नहीं मिले हैं।
पशुओं के पेट में कीड़े पड़ने के मामले बढ़े
पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी पशुओं की लगातार जांच कर रहा है। गांवों में बने अस्पतालों और घरों में पहुंचकर वेटरनरी सर्जन पशुओं का चेकअप कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उमस व गर्मी के कारण पशु पहले के मुकाबले चारे का कम विचरण कर रहे हैं। हालांकि उनमें किसी भी बीमारी संबंधित कोई भी लक्षण नहीं मिले हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब पशुओं के पेट में कीड़े पड़ने के मामले बढ़े हैं। इसको लेकर विभाग की टीमें कीड़े मारने की दवाई दे रही है। इनमें अभी तक कोई पशु नई बीमारी से ग्रस्त नहीं पाया जा रहा है। विभाग की ओर से बरसाती सीजन से पहले ही पशुओं को मुंहखुर व गलघोंटू की तीन लाख 72 हजार वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
वर्जन
घग्गर के पानी से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। टीमें लगातार मरीजों की जांच कर रही हैं। उनके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की जा रही है। अभी तक नई बीमारी व फ्लू संबंधित कोई भी मरीज नहीं मिला है। जिले में स्थिति सामान्य है।
- डॉ. महेंद्र कुमार भांभू, सिविल सर्जन, सिरसा
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घग्गर के पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की लगातार जांच की जा रही है। इन क्षेत्रों में 34 टीमें लगाई गई हैं। उमस व गर्मी के कारण पशु चारे का विचरण थोड़ा कम करते हैं। पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। नई बीमारी से अभी कोई भी पशु पीड़ित नहीं मिला है।
- डॉ. विद्या सागर, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सिरसा