जिले में पंचायत चुनाव शांतिपूर्वक कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस अधिकारी पिछले तीन दिनों से अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्र में लगातार फ्लैग मार्च करते रहे। प्रथम चरण का मतदान कल दस जनवरी रविवार को होगा और इस दौरान अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होगी। निर्वाचन विभाग इन केंद्रों पर कड़ी नजर रखेगा।
इसमें सुरक्षा जवानों को त्वरित कार्रवाई के आदेश होंगे। सफलतापूर्वक मतदान के लिए इन केंद्रों पर प्रशासन का अधिक ध्यान रहेगा। पुलिस प्रशासन की तरफ से सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मतदान केंद्रों पर ड्यूटियां लगा दी हैं। शनिवार सुबह ही पुलिस के जवान मतदान केंद्रों को सुरक्षा घेरे में ले लेंगे। 1400 पुलिस कर्मचारियों के हवाले मतदान केंद्रों की सुरक्षा का जिम्मा रहेगा। सुरक्षा के लिहाज से सामान्य मतदान केंद्रों पर तीन से पांच पुलिस के जवान तैनात किया जाएगा। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर करीब दस पुलिस कर्मचारी आधुनिक हथियारों के साथ मुस्तैद रहेंगे। अति संवेदनशील केंद्रों पर करीब 15 पुलिस कर्मचारी हथियारों व आंसू गैस दागने वाली गन के साथ अलर्ट रहेंगे। रिजर्व में भी पुलिस की तीन टुकडिय़ां बड़ागुढ़ा, ओढां व डबवाली में तैनात रहेगी। जैसे ही कोई हिंसा की सूचना मिलेगी तुरंत प्रभाव से रिजर्व पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर उपद्रवियों को काबू में करेगी। इसके लिए प्रशासन की तरफ से आदेश दिए जा चुके हैं।
पंजाब व राजस्थान की सीमाएं सील
चुनाव से 48 घंटे पहले जिला पुलिस ने पंजाब व राजस्थान से लगती सीमाओं को सील कर दिया है। राजस्थान व पंजाब पुलिस भी सीमा पर नाका लगाकर वाहनों की जांच व संदिग्धों पर नजर रख रही है। मतदान के दो दिन पहले चुनावी क्षेत्रों में शराब , मादक पदार्थ व रुपये बांटे जाने का प्रचलण ज्यादा फैल गया है। ऐसे में तस्कर पड़ोसी राज्य से लगते सुनसान क्षेत्रों से काला धन, शराब व मादक पदार्थ चुनावी क्षेत्र में पहुंचाते हैं। सीमाओं को सील करके पुलिस की ऐसे लोगों के मनसूबे पर नाकाम करने जुट चुकी है। पहले चरण में डबवाली, ओढां व बड़ागुढ़ा ब्लॉक में मतदान होगा और तीनों क्षेत्रों की सीमा पड़ोसी राज्यों से लगती है। इन क्षेत्रों में पुलिस नाकाबंदी करके वाहनों की तलाशी और आने-जाने वाले लोगों पर पैनी निगाह रख रही है।
गुप्तचरों का जाल बिछाया
मतदान से एक दिन पहले की रात को कयामत की रात कहा जाता है। इस रात वोटरों को रिझाने के लिए जमकर शराब और रुपया का बांटा जाता है। शराब और रुपया बांटने वालों को रंगेहाथों दबोचने के लिए पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने गुप्तचरों का जाल बिछा दिया है। ये गुप्तचर ग्रामीणों के बीच रहकर शराब बांटने वालों से शराब की बोतलें लेंगे और तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को देंगे। इसके लिए फोन करने की बजाए वाट्स एप पर सूचना दी जाएगी। पुलिस के गुप्तचर चुनावी क्षेत्र में रहने वाले युवा व वृद्ध ग्रामीण ही हैं ताकि वोट के बदले शराब व नोट बांटने वालों को उनपर संदेह नहीं हो। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि उनकी यह योजना काफी कारगर साबित होगी।
अति संवेदनशील मतदान केंद्र
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बड़गुढ़ा ब्लॉक के रघुआना, झोरडनाली, बड़ागुढा, रोड़ी, थिराज, सुखचैन, पक्का शहीदां तथा भंगु आदि गांवों के लगभग 45 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया। ओढां ब्लॉक के घुंकावाली, जगमालवाली, जलालआना, कालांवाली, जंडवाला जटान, हस्सु आदि गांवों के 25 बूथों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। डबवाली ब्लॉक के जोगेवाला, कालूआना, गंगा, गिदडख़ेड़ा, चौटाला व लोहगढ़ आदि गांवों के 48ग मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के सबसे ज्यादा कड़े प्रबंध होंगे।
संवेदनशील मतदान केंद्र
बड़ागुढ़ा ब्लॉक केगांव बप्पा, कुरंगावाली, फग्गु, खुईयां नेपालपुर, भादड़ा, सुरतिया, शेखुपुरिया, मल्लेवाला, नेजाडेला खुर्द, पंजुआना, मत्तड़, नागोकी, फतेहपुरिया नियामत खां व सहारणी आदि गांवों के लगभग 50 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। ओढां ब्लॉक के गांव ख्योंवाली, देशुमलकाना, पन्नीवाला मोटा, नुईयांवाली, चोरमार खेड़ा, मिठड़ी, दादू, सालमखेड़ा, गदराना आदि गांवों के 41 बूथों संवेदनशील हैं। डबवाली में गांव देसुजोधा, पन्नीवाला मोरिकां, अलिकां, सावंतखेड़ा, डबवाली गांव, रामपुरा बिश्रोईयां, आसाखेड़ा, अबूबशहर, सक्ताखेड़ा, शेरगढ़ आदि गांवों के 49 बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
चूक बर्दाश्त नहीं होगी
चुनाव में गड़बड़ी करने वालों से सख्ती से पेश आया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मतदान केंद्रों पर किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो इसकी सारी तैयारियां हो चुकी हैं।
सतेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सिरसा।