संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। परिवहन विभाग की ओर से बसों में सुरक्षा के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ज्यादातर बसों में आग से बचने के भी साधन नहीं हैं। जिससे विभाग के खोखले दावों की पोल खुल रही है। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं हैं।
सिरसा और डबवाली सब डिपो में 243 बसें हैं। ज्यादातर रूटों पर बसें बिना सुरक्षा का इंतजाम किए ही सरपट दौड़ रही हैं। अधिकांश में अग्निशमन यंत्र गायब है। जिन बसों में यंत्र लगे हैं, उन पर तिथि तक अंकित नहीं है। वह कब भरे गए थे और कब तक उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बावजूद विभाग की ओर इसकी जांच तक नहीं की गई है। इसके अलावा जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स हैं वे पुराने हो चुके हैं और उनमें दवाइयां एक्सपायर हो चुकी हैं। विभाग की ओर से बरती जा रही लापरवाही यात्रियों की जान जोखिम में भी डाल सकती है।
शहर से 15 से 20 हजार यात्रियों का होता है आवागमन
शहर में रोजाना 15 से 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। अगर रोडवेज की आमदनी की बात करते तो रोजाना विभाग को 10 से 12 लाख रुपये तक की आय होती है। इसके बाद भी रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए के कोई उपकरण तक नहीं है।
कार्यालय में लगे हैं अग्निशमन यंत्र
रोडवेज अधिकारियों के अधिकतर कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगे हैं। वर्कशॉप के सामने बने पेट्रोल पंप पर भी इंतजाम पूरे दिखाई दिए गए।
रोडवेज की बसों में अग्निशमन यंत्रों की लगातार जांच की जाती है। ऐसा हो सकता है कि दूसरे जिले से आने वाली बसों में अग्निशमन यंत्र न हो। अगर सिरसा रोडवेज की बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं है, तो इसकी जांच करवाई जाएगी। - अजय दलाल, महाप्रबंधक, सिरसा डिपो