सिरसा। रिश्वत लेने के मामले में निलंबित सिरसा साइबर क्राइम थाने के तीन पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध राजस्थान एसीबी की टीम ने सोमवार देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली। आरोपियों में एसआई सुरेंद्र, हवलदार वीरेंद्र, सिपाही जगजीत सिंह शामिल हैं। राजस्थान एसीबी की टीम इन्हें गिरफ्तार करने जल्द सिरसा आ सकती है।
सिरसा एसपी दीपक सहारन ने बताया कि आरोपी पुलिस कर्मचारियों को मामला संज्ञान में आने के बाद ही निलंबित कर दिया था। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मुख्यालय से राजस्थान एसीबी को नाम भिजवा दिए थे। मामले की जांच डीएसपी आदर्श दीप सिंह को सौंपी है। हिसार के धिकताना निवासी एसआई सुरेंद्र की सात माह पहले ही साइबर थाने में तैनाती हुई थी। हवलदार वीरेंद्र व सिपाही जगजीत सिंह फतेहाबाद के निवासी हैं। राजस्थान एसीबी के एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की पुष्टि की है।
क्या था मामला
आठ दिसंबर 2025 को एक महिला ने साइबर थाने में 9 लाख की साइबर ठगी के आरोप में अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। 21 दिसंबर को जांच अधिकारी एसआई सुरेंद्र सिंह को आरोपियों के बारे में सूचना मिली और गिरफ्तारी के लिए मुख्य सिपाही वीरेंद्र, सिपाही जगजीत व एक अन्य के साथ उदयपुर पहुंच गए। वहां से गिरफ्तार कर तीनों को सिरसा लाने के दौरान राजस्थान एसीबी टीम ने कुचामन थाना क्षेत्र में इनकी गाड़ी को रुकवाया तो तलाशी में छह लाख रुपये नकद मिले। जांच में पता चला कि पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को छोड़ने की एवज में 20 लाख रुपये मांगे थे। इनमें से एक आरोपी से छह लाख रुपये लेकर उसे रास्ते में छोड़ दिया। उसी ने एसीबी को इसकी शिकायत कर दी थी।