संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। डीएपी की किल्लत किसानों के परेशानी का सबब बनी हुई है। पैक्सों व खरीद केंद्रों के बाहर किसान सुबह से शाम तक इंतजार में बैठे रहते हैं। गांव पन्नीवाला मोटा की पैक्स में जैसे ही खाद आने की सूचना मिली तो शनिवार अलसुबह बड़ी संख्या में किसान पैक्स के बाहर एकत्रित हो गए।
किसान सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक पैक्स के बाहर बैठे रहे। 7 घंटे तक भूखे-प्यासे बैठे रहने के बाद उन किसानों को ही मात्र 1-1 बैग खाद मिली, जोकि पैक्स के खाताधारक थे। बाकी किसानों को मायूस हो कर लौटना पड़ा।
पैक्स पर 500 बैग खाद आई थी, जबकि पैक्स के 450 खाताधारक हैं। पन्नीवाला मोटा पैक्स के अधीन घुकांवाली, रोहिड़ांवाली व बनवाला 4 सेल प्वाइंट पड़ते हैं। जिन पर घुकांवाली पर 250, रोहिड़ांवाली पर 500, पन्नीवाला मोटा पर 500 तथा बनवाला सैल प्वाइंट पर 500 बैग खाद आई थी। घुकांवाली व पन्नीवाला मोटा में प्रत्येक किसान को खाते के हिसाब से मात्र 1-1 बैग खाद ही दी गई। बनवाला में किसानों को 1 से 2 बैग खाद ही मिली।
पन्नीवाला मोटा के किसान नरेश डूडी, जगतपाल सहारण, सुमेश बैनीवाल, राजवीर भारी, महेन्द्र लुटासरा, प्रहलाद, आत्माराम सहारण आदि ने कहा कि घंटों लाइन में लगने के बाद उन्हें मात्र 1-1 बैग खाद देकर भेज दिया गया। एक बैग खाद से क्या होगा। उन्होंने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है, हर बार ही खाद के लिए उन्हें ऐसे ही परेशान होना पड़ता है। जब सरकार को पता है कि इस समय बिजाई के लिए किसानों को खाद ही जरूरत पड़ती है, तो पहले से पर्याप्त मात्रा में खाद का प्रबंध क्यों नहीं किया जाता। यूरिया के समय में यूरिया नहीं मिलती और डीएपी के समय डीएपी।
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12000 की भेजी मांग, मिली 2 हजार
ओढां पैक्स के अधीन 6 सेल प्वाइंटों पर 12 गांव पड़ते हैं। इनके लिए 12000 बैग डीएपी की मांग भेजी गई थी। पैक्स प्रबंधक कुलविंद्र सिंह ने बताया कि आगामी सोमवार तक खाद आने की उम्मीद है।
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जिनका पैक्स के साथ लेनदेन, उन्हें प्राथमिक तौर पर दी जा रही खाद
पन्नीवाला मोटा पैक्स के प्रबंधक रायसिंह ने बताया कि दो हजार बैग खाद की मांग भेजी गई थी। उम्मीद है कि दूसरा रैक जल्द ही लगेगा। उन्होंने बताया कि पन्नीवाला मोटा में करीब 20 दिन पूर्व खाद आई थी, जबकि बनवाला व रोहिड़ांवाली में पहली बार खाद आई है। जिन खाता धारकों का पैक्स के साथ सही लेनदेन चल रहा है, उन्हें प्राथमिक तौर पर खाद दी जा रही है।