सिरसा। करियाना स्टोर संचालक की तेजधार हथियार से हत्या करने वाले दोषी बाप-बेटे को जिला एवं सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों को 25 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में न्यायालय ने तीन जुलाई आरोपी बाप-बेटे को दोषी करार देकर सजा का फैसला पांच जुलाई तक सुरक्षित रख लिया था।
मामले के अनुसार, रानियां वार्ड नंबर 14 निवासी जगदीश उर्फ मोनू की वार्ड 15 में करियाना की दुकान थी। उसकी दुकान के सामने रहने वाले हैप्पी के साथ काफी दिनों से अनबन चल रही थी। 11 अगस्त 2018 को दोनों के बीच विवाद हो गया। हैप्पी ने अपने घर जाकर पिता कुलदीप सिंह को बताया कि जगदीश आंख दिखा रहा है।
इसके बाद कुलदीप सिंह अपने पुत्र हैप्पी के साथ तलवार व चाकू लेकर जगदीश के पास गया और उसपर हमला कर दिया। तलवार व चाकू के वार से जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गया। मोहल्ला वासियों को एकत्रित होते देख हमलावर फरार हो गए। घायल जगदीश को उसके चाचा दिलबाग सिंह ने सरकारी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने जगदीश को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चाचा जगदीश का बयान दर्ज कर हत्यारोपी कुलदीप सिंह व हैप्पी के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को इस मामले निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने हत्यारे बाप-बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।