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फास्टैग लाइनों में भी टोल कर्मचारी ले रहे कैश

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बिना ग्लबज के टोल पर्ची देता टोल कर्मचारी। - फोटो : Sirsa
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टोल प्लाजा भावदीन पर वाहनों की लाइनें लग रही हैं। टोल संचालकों द्वारा फास्टैग लाइनों में भी कैश स्लिप काटी जा रही है। जिसके चलते फास्टैग वाहन चालकों को भी लाइन में लगकर टोल पार करना पड़ रहा है। कैश लेने-देन के चलते वाहन चालक बूथ कर्मचारियों के सीधा संपर्क में आ रहे हैं। जिससे कोविड संक्रमण फैलने का खतरा बना रहा है।
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भावदीन टोल प्लाजा द्वारा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के टोल क्रास करने के नियमों की अनदेखी की जा रही है। फास्टैग वाहनों के लिए बनी लाइनों में भी कैश ली जा रही है, जबकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियम अनुसार अगर वाहन चालक फास्टैग लाइन में से गुजरता है तो उसका दोगुना चार्ज लगेगा। भावदीन टोल प्लाजा पर पांचों लाइनों में कैैश की सुविधा जारी है। ऐसे में बिना फास्टैग वाहन चालक अब भी कैश देकर किसी भी लाइन से निकल सकते हैं। जिस कारण से फास्टैग लगे वाहन चालकों को असुविधा हो रही है और उन्हें टोल पार करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। टोल प्लाजा पर अप एंड डाउन के लिए रात के समय अधिकतर दो ही लाइन वाहनों के लिए खुली रहती है। जिसमें से एक कैैश व एक फास्टैग लाइन चालू रहती है। अन्य लाइनों को सुबह होने तक अस्थाई तौर पर वाहनों के लिए बंद कर दिया जाता है।
कैश लाइन में सीधा संपर्क में आ रहे वाहन चालक
टोल प्लाजा पर कैश लाइन में बैठे टोल कर्मचारी बिना मास्क व अन्य सुरक्षा इंतजाम के वाहनों चालकों के सीधा संपर्क में आ रहे हैं। कैश बूथ में बैठे कर्मचारी पैसों का लेन-देन भी हाथों पर बिना गलब्ज डाले ही कर रहे हैं। टोल बूथ पर सैनिटाइजर का कोई इंतजाम नहीं है। टोल प्लाजा पर ड्यूटी पर तैनात अधिकतर कर्मचारी बिना मास्क के ही दिखाई दे रहे हैं।
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हाईवे पर टूटी हैं सड़कें, गायब है साइन बोर्ड
नेशनल हाईवे 9 के रखरखाव की जिम्मेदारी गावड़ कंस्ट्रक्शन को दी गई है ताकि हाइवे की सड़के यात्रियों को परेशान ना करे। लेकिन सुविधाएं केवल कागजों में ही दिखाई दे रही है, असल में नहीं। डाबर ढाणी से लेकर डबवाली तक हाईवे कई जगहों से धंस चुका है। गावड़ ने रिपेयर के नाम पर धस्सी हुई सड़कों पर केवल मिट्टी डालकर लिपापोती कर दी है। वहीं हाइवे पर अधिकतर साइन बोर्ड या तो गायब है या फिर पेड़ों की पीछे छुप चुके हैं। नेशनल हाईवे 9 पर दोपहिया चालकों द्वारा अवैध कटों का निर्माण किया हुआ है, जिन्हें वह अपनी सुविधा के लिए सड़क के एक और से दूसरी ओर जाने के लिए प्रयोग करते हैं। खराब रोड होने के कारण पिछले एक सप्ताह के अंदर डिंग से लेकर सिरसा रोड पर तीन दुर्घटनाएं हो चुकी है।
टोल से संपर्क करने के लिए नहीं है नंबर, न बूथ
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियम अनुसार हाइवे पर यात्रा करते समय अगर कोई चालक मुसीबत में फंस जाता है तो वह नजदीकी टोल प्लाजा के टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सहायता ले सकता है। लेकिन टोल रोड पर ना ही तो फोन बूथ एक्टिव है और न ही टोल फ्री नंबर हाईवे पर कहीं भी नहीं लिखा हुआ। चालक अगर रात के समय मुसीबत में फंस जाता है तो उसे सुबह होने तक का इंतजार करना पड़ेगा या फिर सहायता के लिए अपने स्तर पर प्रयास करना होगा। हाईवे पर मुसीबत में फंसने पर नजदीकी टोल से आपको सहायता नहीं मिलेगी।
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कोट
टोल प्लाजा पर एक ओर से दो लाइनों में कैश लिया जा रहा है ताकि वाहनों की भीड़ न लगे।
-प्रदीप, शिफ्ट इंचार्ज, भावदीन टोल प्लाजा।

टोल प्लाजा पर लगी वाहनों की लंबी लाइन।- फोटो : Sirsa

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