संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। किसान नेताओं और युवाओं पर बिजली निगम प्रशासन की ओर से एफआईआर करवाने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। शनिवार को किसान व मजदूर संगठनों के साथ ग्रामीणों ने चौटाला पुलिस चौकी का घेराव किया और प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व सूचना होने पर चौकी के बाहर पुलिस बल तैनात किया रहा। शाम करीब पांच बजे डीएसपी किशोरी लाल पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी को मांगपत्र दिया। इस पर डीएसपी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने धरना उठाते हुए चेतावनी दी कि 11 अगस्त तक एफआईआर रद्द नहीं हुई तो 12 अगस्त को महापंचायत होगी। इसके बाद आंदोलन तेज किया जाएगा।
शनिवार सुबह नौ बजे चौटाला व आस पास के गांवों के ग्रामीण और किसान-मजदूर यूनियन के नेता चौटाला पुलिस चौकी के बाहर एकत्रित होने शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस चौकी के नजदीक टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया गया। धरने में सिरसा के अलावा पंजाब व राजस्थान से भी किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने किसान नेताओं व युवाओं पर दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की। इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के नेता हमजिंदर सिद्धू, , डीवाइएफआई के प्रदेश सचिव राजस्थान जगजीत जग्गी, किसान नेता गगन संगरिया, राष्ट्रीय किसान संगठन हरियाणा अध्यक्ष जसवीर भाटी, राष्ट्रीय किसान मंच से हरजिंदर सिंह नानूआना, उग्राहा जत्थेबंदी से सरदार भोला सिंह, बीकेयू चढ़ूनी के गुरमेल सिंह, जगतार सिंह, प्रकाश सिंह ममेरा, गुरदास सिंह लकड़ावाली, हरजिंदर सिंह कोच, कामरेड सुखदेव सिंह जम्मू, कामरेड सरवन सिंह, सीटू सिरसा प्रधान नत्थूराम भारूखेडा़, शिवचरण सरपंच, दयाराम जोइया, हरियाणा किसान एकता मिठ्ठु कंबोज, गुरपाल मांगेआना, कामरेड़ राजरानी, कामरेड़ छिद्र कौर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन नेता सोहनलाल भारुखेडा, सीमेंट यूनियन अध्यक्ष राजेंद्र सहारण, आदि किसान नेता पहुंचे।
किसी भी किसान के साथ नहीं होगा अन्याय, मिला आश्वासन : फगोड़िया
किसान नेता राकेश फगोड़िया ने बताया कि डीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी किसान के साथ अन्याय नहीं होगा। इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी। किसान संबंधित बिजली कर्मियों के खिलाफ कोई शिकायत देते हैं तो उसकी भी जांच करेंगे। पूरे प्रकरण की जांच में जो भी दोषी सामने आएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। फगोड़िया ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया है कि मामले की जांच होने तक किसी भी किसान को परेशान नहीं किया जाएगा।