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दूसरे दिन भी डटे रहे किसान, टोल रहे फ्री

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मोर्चे पर किसानी पर्चे पढ़ते किसान। - फोटो : Sirsa
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कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में नेशनल हाईवे नंबर नौ पर भावदीन व खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर दूसरे दिन शनिवार को भी किसान डटे रहे और टोल फ्री रखा। इस दौरान दोनों टोलों से गाड़ियां बेरोक टोक निकलतीं रहीं। किसानों के धरने पर महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। वहीं दूसरे दिन भावदीन टोल प्लाजा पर पांच किसान भूखहड़ताल पर बैठे।
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जानकारी के अनुसार 25 से 27 दिसंबर तक टोल प्लाजा फ्री करने की मुहिम का शनिवार को दूसरा दिन था। इस दौरान टोल पर एकत्रित होने वाले लोगों कृषि कानूनों के बुरे प्रभावों को समझाने के लिए किसान संगठनों द्वारा पर्चे भी बांटे गए। वहीं भावदीन टोल प्लाजा पर दूसरे दिन किसान गुरदित्ता, कामरेड मालाराम, कामरेड राजकुमार व कामरेड अर्जनदास एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे। वहीं हरभजन सिंह तीन दिन के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। किसानों द्वारा लगाई गए स्टेज पर किसान नेता धरने में शामिल किसानों को तीन कृषि कानूनों से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक करते नजर आए। वहीं किसान जत्थेबंदियों द्वारा मोर्चे पर किसानों को किसानी के पर्चे देकर भी जागरूक किया जा रहा है। शनिवार को किसान मंच से एक ओर अपील की गई है कि गांवों में लगे निजी कंपनी के टावर को बंद करने की बजाए, ग्रामीण अपने गांव में सिम को पोर्ट करवाने को लेकर शिविर लगाएं। अगर सिम ही नहीं रहेंगे तो टावर अपने आप बंद हो जाएगा।
किसान नेता सुखदेव सिंह जम्मू ने कहा कि जिले में किसान मोर्चो लगने से दिल्ली किसान आंदोलन को भी बल मिल रहा है। आज किसान अलग-अलग गांव से उठकर किसान मोर्च पर पहुंच रहा है व कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहा है। आंदोलन के दौरान जान गंवा चुके किसानों की याद में अखंड पाठ का भोग 27 दिसंबर को डाला जाएगा।
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गांवों में काटे जा रहे टावर के बिजली कनेक्शन
किसान आंदोलन के समर्थन में ढाणी काहन सिंह में शनिवार को पंचायत ने निजी कंपनी के टावर के गेट को ताला लगा दिया। पंचायत ने टावर को जाने वाली बिजली सप्लाई बंद कर दी। साथ ही ट्रांसफार्मर के स्विच को भी ताला लगा दिया। ताकि जरनेटर चलने पर डीजल खत्म होने के बाद बिजली न सप्लाई होने पर मशीन बंद हो जाएगी। दूसरी ओर शनिवार भावदीन के आसपास के गांव के मोबाइल टावरों की सप्लाई बंद की जा रही हैं। शनिवार को भावदीन, हांड़ी खेड़ा व सुचान में निजी कंपनी के टावरों के कनेक्शन को ग्रामीणों द्वारा काटा जा रहा है। वहीं भावदीन टोल प्लाजा पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित किसान नेता हरिवंद्र सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन में अहिंसा का मार्ग अपनाया जा रहा है और राष्ट्रीय किसान मंच से निजी कंपनी के टावर काटने को लेकर किसी भी प्रकार को कोई मैसेज नहीं आया है। उनका कहना है अगर किसान इसका विरोध करना चाहते हैं तो अपनी सिम को अन्य नेटवर्क में पोर्ट करवाएं न कि निजी कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाए।

आंदोलन को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पांच किसान।- फोटो : Sirsa

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