ओढां में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची सांसद सुनीता दुग्गल को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में सांसद का घेराव करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। किसानों ने सांसद की गाड़ी को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। सांसद को गाड़ी से उतारकर मंच तक लाने के लिए पुलिस व सांसद के सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
दरअसल सांसद सुनीता दुग्गल का ओढां की अग्रवाल धर्मशाला में कार्यकर्ताओं को संबोधन करने का कार्यक्रम था। इस बात का पता किसानों को वीरवार को लगा तो उन्होंने सांसद का घेराव करने की योजना बनाई। किसान शुक्रवार सुबह से ही किसान नेता जसवीर सिंह भाटी व गुरदास सिंह लक्कड़ांवाली व कौर सिंह कुंडर के नेतृत्व में बस स्टैंड के निकट एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। काफी देर तक नारेबाजी करने के बाद किसान रामदेव मंदिर के निकट हाईवे पर पहुंच गए। इसी दौरान किसानों को भनक लगी कि सांसद का रूट बदल दिया गया। जिसके बाद किसान सांसद के कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। ठीक 11 बजे सांसद की गाड़ी जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो हाथों में काले झंडे लिए बड़ी संख्या में किसानों ने सांसद की गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। सांसद को कड़ी मशक्कत के बाद कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। जब किसान संबोधन स्थल की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने गेट बंद कर दिया।
विरोध को देखते हुए डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बैनीवाल, जिला सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यवान जांगड़ा, बडागुढ़ा थाना प्रभारी राजकुमार, डबवाली, कालांवाली व सिरसा पुलिस के अलावा खुफिया तंत्र विभाग मौके पर मौजूद रहा।
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रोष को देखते हुए बदला सांसद का रूट
सांसद दुग्गल को सिरसा से ओढां आना था, लेकिन किसानों के रोष की सूचना के बाद उनका रूट बदल दिया गया। नए रूट के मुताबिक सांसद को रोहिड़ांवाली से ख्योवाली होकर ओढां लाया गया। सांसद के रूट की किसानों को भनक लगने के बाद किसान हाथों में काले झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए।
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पिछले गेट से गाड़ी में बैठी सांसद
जब तक कार्यक्रम चलता रहा तब तक किसान गेट पर जमकर नारेबाजी करते रहे। कार्यक्रम में मात्र 40-45 ही कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसान मुख्य गेट के अलावा दूसरी ओर खिड़कियों से नारेबाजी करने लगे। माहौल गर्माया देखकर अतिरिक्त पुलिस बल बुलानी पड़ी। कार्यक्रम में सबसे पहले भाजपा नेता विजय वधवा व फिर जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल ने संबोधित किया। जिसके बाद सांसद दुग्गल ने 20 मिनट तक संबोधित किया। कार्यक्रम समाप्त होने से पूर्व ही पुलिस ने सांसद की गाड़ी को पिछले गेट पर लगाते हुए किसानों को वहां से दूर किए रखा। कार्यक्रम समाप्त होते ही सुरक्षा कर्मियों ने सांसद को पिछले गेट से निकाला।
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किसानों की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंक रही कांग्रेस : सांसद
सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि उन्हें कहा गया था कि वे ओढां न जाएं। अगर इन लोगों में हिम्मत है तो मेरे से बात करें। सरकार ने किसानों के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेंककर किसानों को भड़काने का कार्य कर रही है। ऐसा करने से कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि ये बाहर जो प्रदर्शन हो रहा वो किसान नहीं कांग्रेसी कर रहे हैं, जिनसे किसानों का भला देखा नहीं जाता। सांसद ने कहा कि सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी।
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हाथरस के आरोपियों को हो फांसी
कार्यक्रम उपरांत सांसद ने मीडिया से बातचीत करते हुए हाथरस कांड पर पूछे गए सवाल पर कहा कि ये एक बहुत घृणित कार्य हुआ है। मैं यूपी के सीएम आदित्यनाथ से ये मांग करती हूं कि जिन दरिंदों ने ये कार्य किया है उन्हें फांसी की सजा दी जाए।
पुलिस तंत्र रहा नाकाम
इस पूरे मामले में पुलिस तंत्र पूरी तरह से नाकाम रहा। सुबह किसान बस स्टैंड के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद वह रामदेव मंदिर के पास हाईवे के निकट पहुंच गए। यहां उन्हें सांसद के रूट बदले जाने का पता चला तो वह सीधे कार्यक्रम स्थल पर ही पहुंच गए। अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को बस स्टैंड पर ही रोक लेती तो यह पूरा वाकया नहीं होता।