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डिप्टी सीएम की कोठी के आगे काफिला रोक किसानों ने की नारेबाजी

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दिल्ली रवाना होता किसानों का जत्था। - फोटो : Sirsa
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तीन किसान कृषि कानूनों के विरोध को लेकर आंदोलनरत हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व अन्य किसानों के साथ सोमवार को दोपहर 11 गाड़ियों के काफिले के साथ दिल्ली रवाना हुए। लेकिन रवाना होने से पहले डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की कोठी के सामने नारेबाजी कर गए। किसानों द्वारा एकाएक नारेबाजी करने से डिप्टी सीएम की कोठी के बाहर खड़े सुरक्षा कर्मचारी चौकस हो गए। वहीं दो दिसंबर को सिरसा से एक और जत्था राशन सामग्री के साथ दिल्ली रवाना होगा।
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सोमवार को सिरसा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठे किसान दोपहर को दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना एकत्रित हुए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार तानाशाही तरीके से देश के हर वर्ग को दबाना चाहती है। करोड़ों भारतीयों का पेट भरने वाले किसान वर्ग को भी इस सरकार ने अपने चहेतों को लाभ देने के लिए बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। भारूखेड़ा ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार को ये घमंड था कि वो तानाशाही तरीके से किसानों के आंदोलन को दबा देगी। हालांकि सरकार ने किसानों के आंदोलन को कुचलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, लेकिन देश के जागरूक किसान ने अब सरकार को उसी की भाषा में करारा जवाब देने की ठान ली है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस प्रकार के कई आंदोलन हुए और सरकारों ने अपनी ओर से हर संभव कोशिश कर आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया, लेकिन अंत में जीत किसानों को ही मिली थी।
पुलिस आने से पहले निकल गए किसान
इसके बाद किसानों का जत्था डिप्टी सीएम की कोठी के आगे से गुजरने लगा तो एकाएक किसानों ने अपना जत्था रोक लिया। किसानों ने गाड़ियों से बाहर निकलकर डिप्टी सीएम व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर दी। किसानों द्वारा एकाएक नारेबाजी करने पर सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी चौकस हो गए। कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। लेकिन जब तक भारी पुलिस बल आता, उससे पहले ही किसान कोठी के बाहर नारेबाजी करके निकल गए।
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आढ़तियों ने बैठक करके हड़ताल का लिया फैसला
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा चलाए गए आंदोलन में अब आढ़ती भी शामिल हो गए हैं। इसी के चलते मंगलवार को शहर की अनाज मंडी में हड़ताल के चलते बंद रहेगी। वहीं आढ़ती एसोसिएशन की ओर से शहर भर में काले झंडों के साथ रोष मार्च निकाला गया। सोमवार को आढ़ती एसोसिएशन की तरफ से अनाज मंडी में दिन भर लाउडस्पीकर से घोषणा की गई। किसानों से अपील की गई कि किसान मंगलवार को मंडी में धान, बासमती और अन्य फसलें न लेकर आएं और हड़ताल का समर्थन करने का आह्वान किया गया। आढ़ती एसोसिएशन प्रधान हरदीप सरकारिया ने बताया कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर वाटर कैनन, आंसू गोले छोड़ने को लेकर देशभर में विरोध है। देश का अन्नदाता कहे जाने वाले किसान पर सरकार ने कहर बरपाया है। इसी के विरोध में एक दिसंबर को अनाज मंडी सिरसा बंद रहेगी। इसके लिए एसोसिएशन पदाधिकारी सुबह 10 बजे अनाज मंडी में दुकानें बंद करके रोष मार्च निकाला जाएगा और इसके बाद दोपहर 12.30 बजे अनाज मंडी के मुख्य शेड के नीचे एक रोष सभा होगी।
उपायुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन
दोपहिया वाहनों के द्वारा शहर के जगदेव सिंह चौक, सुभाष चौक, रोडी बाजार, हिसारिया बाजार, परशुराम चौक, सुर्खाब चौक से होते हुए वाहनों का काफिला डीसी सिरसा ऑफिस पहुंचेगा, जहां केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान कृषि कानूनों को वापस लेने, किसानों पर दर्ज मुकद्दमों को तुरंत प्रभाव से वापस की मांग की जाएगी। इस मौके पर उप प्रधान कीर्ति गर्ग, सुधीर ललित, विनोद खत्री व अमरसिंह भाटीवाल, महासचिव कश्मीर कंबोज, कोषाध्यक्ष रविंद्र बजाज मौजूद थे।
मंडी में आए किसानों ने किया हड़ताल का समर्थन
सोमवार को अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों का भी हड़ताल को लेकर समर्थन दिखा। मल्लेकां गांव के किसान कश्मीर चंद, टीटूखेड़ा निवासी अमृतपाल, रानियां से अजैब सिंह, मल्लेकां निवासी जगदीश ने बताया कि किसान तो पहले से ही आर्थिक मंदी का शिकार होता रहा है और अब रही कसर सरकार ने तीन काले कानून बनाकर निकाल दी है। किसानों ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन की तरफ से की जा रही हड़ताल सही है। उनका भी इस हड़ताल को लेकर समर्थन है। डिंग मंडी निवासी किसान जितेंद्र ने बताया कि किसान आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। 4 दिसंबर तक जिला से करीब सैकड़ों युवा किसान दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

डिप्टी सीएम की कोठी के बाहर नारेबाजी करता किसानों का जत्था।- फोटो : Sirsa

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