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लघु सचिवालय के समक्ष किसानों ने लगाया पक्का मोर्चा : बोले-पूरी मुआवजा राशि लेकर ही उठाएंगे धरना

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पक्का मोर्चा के दौरान लघु सचिवालय के बाहर खड़े किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली । संवाद - फोटो : Sirsa
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सिरसा। खरीफ-2020 बकाया फसल मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगा दिया। किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर लघु सचिवालय के समक्ष पहुंचे और धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब मुआवजे की बकाया राशि लेकर ही लौटेंगे। इस दौरान दिनभर पुलिस बल तैनात रहा।
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सोमवार को सुबह 10 बजे ही किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर लघु सचिवालय के समक्ष एकत्र होना शुरू हो गए। किसान खाने, पीने, रहने सहित अन्य जरूरी सामान ट्रॉलियों में लेकर आए। भारतीय किसान एकता बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि किसान लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगों को उठा रहे है, लेकिन सरकार कोई भी संज्ञान नहीं ले रही। इसके लिए उन्होंने डेढ़ सप्ताह पहले ही प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी थी कि 15 जनवरी तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वह 16 जनवरी को पक्का मोर्चा लगाएंगे। फिर भी सरकार व प्रशासन ने उनकी सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह पक्का मोर्चा तब तक चलेगा जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाता और बकाया मुआवजा राशि उन्हें जारी नहीं किया जाता। इस मौके पर किसान जगदीश सिंह, सूचा सिंह, नरेश कुमार, हरविंद्र सिंह, प्रदीप कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित रहे ।
पुलिस बल रहा लघु सचिवालय के समक्ष तैनात
पक्का मोर्चा की सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी अलर्ट हो गया। लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की ओर से किसानों के पहुंचने की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है, ताकि कोई भी शरारती तत्व उत्पात न मचा सके। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों ने उन्हें लौटा दिया।
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लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि 2020 में सफेद मक्खी की वजह से फसलें तबाह हो गई थी, जिसका मुआवजा 258 करोड़ 60 लाख रुपये रेवेन्यू विभाग ने गिरदावरी करके तैयार किया था। जब किसानों को मुआवजा देने की बारी आई तो सरकार ने 258 करोड़ में से सिर्फ 64 करोड़ रुपये ही जारी किया है। मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू ने बताया कि पिछले दो सालों में बीकेई की ओर से कई बार डीसी सिरसा को ज्ञापन सौंपा गया। प्रधान लखविंद्र सिंह औलख कृषि मंत्री जेपी दलाल के साथ भी बैठक कर चुके हैं। जन संवाद कार्यक्रम में यह मांग मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने रखी थी। पिछले दो सालों से हर तरह का प्रयास करने के बाद किसानों को उनका हक दिलाने का एक मात्र उपाय पक्का मोर्चा ही बचा था। जो अब किसानों की समस्याओं और मांगों को मनवाने के साथ ही समाप्त होगा।

विभिन्न मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे किसान । संवाद- फोटो : Sirsa

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