धरने पर बैठकर नारेबाजी करते किसान।
गेहूं खरीद के नए नियमों को वापस लेने व खराब फसलों का जल्द मुआवजा देने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक के आह्वान पर वीरवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। इसके बाद किसानों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
किसानों की ओर से राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में रबी सीजन की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। किसानों का आरोप है कि हरियाणा सरकार की ओर से लागू किए गए नए नियमों ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को जटिल और अव्यावहारिक बना दिया है। गेट पास के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट अनिवार्य कर फोटो अपलोड करने जैसी प्रक्रियाएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।
किसानों का कहना है कि इससे मंडियों के बाहर लंबा जाम लगेगा और किसानों को बेवजह परेशान होना पड़ेगा। किसानों ने इन नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की।ज्ञापन में हाल के समय में पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ किसानों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से आलू किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज और उचित समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई।
वहीं, मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कालांवाली उपमंडल के गांवों में हाल ही में बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुद्दा उठाया गया। किसानों ने मांग की कि सरकार जल्द सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे।