अनाज मंडी में नए किसानों के गेट पास काटे गए। नए किसानों द्वारा लाई गई गेहूं की वीडियोग्राफी की गई जिसके बाद उन्हें गेट पास दिए गए परंतु 30 अप्रैल से 2 मई तक आई हुई 36 हजार क्विंटल गेहूं को मार्केट कमेटी खरीदने से मना कर रही है। मंडी बंद के दौरान मंडी आढ़तियों द्वारा जिन किसानों के गेहूं का तोल लगवाकर बोरियां में भरवा दिया था उनके गेहूं के गेट पास काटने से मार्केट कमेटी ने मना कर दिया गया। जिसके बाद आढ़ती व किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सचिव ने आढ़तियों को कहा कि उनकी मांग डीसी तक पहुंचा दी गई है।
मंडी में आढ़तियों के पास पड़ी किसानों के गेहूं के गेट पास ना काटने को लेकर आढ़तियों व किसान नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आढ़तियों ने मांग की है कि खरीद बंद के दौरान जिन किसानों की गेहूं उनके पास आई थी उनके गेट पास जारी किए जाए। प्रधान हरदीप सरकारिया ने बताया कि मंडी में जगह खाली होने के चलते जिन किसानों को गेहूं खरीद का मैसेज नहीं आ रहा था। ऐसे में बिना शेड्यूल के ही मंडी आढ़तियों द्वारा उन्हें बीती 29 अप्रैल को सूचना देकर मंडी में गेहूं लाने को कहा गया। इसी दौरान कोविड मामले अधिक बढ़ने के चलते प्रशासन द्वारा नाइट कर्फ्यू लगा दिया था। इसी के साथ ही मार्केट कमेटी द्वारा मंडी में आगामी आदेशों तक गेहूं खरीद बंद करने के आदेश दे दिए। 30 से 2 मई तक मंडी में किसान करीब 36 हजार क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे। मंडी प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि सरकार के दोबारा खरीद शुरू करने के आदेश स्पष्ट न होने के कारण वह किसानों को उतना समय मंडी में नहीं बैठा सकते थे। ऐसे में खरीद बंद होने की स्थिति में आढ़तियों द्वारा किसानों की गेहूं को तोल करवाकर बोरियों में भर दिया गया और खरीद दोबारा शुरू होने पर गेट पास कटवाने का निर्णय लिया गया। मंडी में अब करीब 36 हजार क्विंटल गेहूूं का स्टॉक है जो बीती 30 अप्रैल से 2 मई के बीच खरीदा गया है।
नए किसानों की गेहूं खरीद में बारदाना भी बना परेशानी : गेहूं खरीद को दोबारा शुरू करने पर बीते बुधवार को 18 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। जिसे तोल कर बारदाने में भरना था। आढ़तियों ने बीती 30 अप्रैल से 2 मई तक आने वाली गेहूं जिनके अभी गेट पास नहीं कटे थे उन्हें बारदानों में भर कर रखा हुआ है। आढ़तियों द्वारा की गई करीब 36 हजार क्विंटल गेहूं अभी तक सरकारी रिकार्ड में नहीं चढ़ी है। जिसके कारण मंडी आढ़तियों के रिकार्ड में बारदाना बचा हुआ दिखाता है। ऐसे में अब मंडी में आने वाली आवक को भरने के लिए बारदाना नहीं मिल रहा है। पिछली बार गेहूं सीजन में करीब 2 करोड़ 20 लाख बारदाने का प्रयोग हुआ था लेकिन इस बार अब तक 1 करोड़ 80 हजार बारदाना मिला है।
वीडियोग्राफी के दौरान किसान से ली जा रही है जानकारी : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की ओर से सभी एजेंसी को पत्र लिखकर खरीद प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाने के आदेश जारी किए है। वीडियोग्राफी के दौरान किसान से उसका नाम, पता व ट्राली में अनुमानित कितने क्विंटल गेहूं है इसकी जानकारी ली जा रही है। मंडी प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि फसल की पेमेंट आने में परेशानी हो रही है। आढ़तियों के पास जिन किसानों के ज्वाइंट खाते है उनकी पेमेंट उनके खातों में नहीं आ रही है। पोर्टल पर खाता बदलने का भी कोई विकल्प नहीं है।
मंडी में आने वाले नए किसानों की वीडियोग्राफी कर गेट पास काटे जा रहे हैं। आढ़तियों के पास पड़ी गेहूं के गेट पास न काटे जाने को लेकर उपायुक्त को जानकारी दे दी गई है। -विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव सिरसा।