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Sirsa News: अनाज मंडी में बायोमेट्रिक व्यवस्था का विरोध, किसानों ने किया प्रदर्शन

Tue, 31 Mar 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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ऐलनाबादइ की अनाज मंडी में प्रदर्शन करते हुए किसान।
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ऐलनाबाद। बायोमेट्रिक को लेकर गेहूं की खरीद शुरू होने के साथ स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। किसानों को मंडी में प्रवेश से लेकर फसल बेचने तक कई तरह की ऑन लाइन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। यह प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी से भरी है। ऐसे में सीजन में गेहूं की ट्रालियों की लंबी लाइनें मंडियों के बाहर लग जाएगी। किसानों अनाज मंडी में बायोमेट्रिक व्यवस्था का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।
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किसानों का आरोप है कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण उनका कीमती समय बर्बाद होगा। वाहनों की फोटो खिंचवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ेगा। इसी के विरोध स्वरूप किसानों व किसान नेताओं ने एकजुट होकर मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। धरने के दौरान किसानों ने कहा कि वे इस देश के नागरिक हैं और सरकार खुद कहती है कि किसान अपनी फसल देश की किसी भी मंडी में बेच सकता है। ऐसे में अपनी ही मंडी में फसल लेकर आने पर बायोमेट्रिक अनिवार्य करना उनकी स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है।

किसान बोले
आज सुबह से शुरू हुई बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण किसान को अनाज मंडी के अंदर जाने में बहुत देर हो रही है। इससे हमारी फसल खराब होने का डर भी बना हुआ है। किसान की आधी फसल खेतों में है और आधी फसल मंडी में है और ऊपर से मौसम खराब होने से किसान पहले ही परेशान है। विभाग में सरकार को ऐसी प्रक्रिया को बंद कर देना चाहिए ताकि किसान सरल तरीके से अपनी फसल अनाज मंडी में बेच सके। – अमरपाल सिंह खोसा, किसान
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जिन महिलाओं के नाम पर जमीन है, उनका बायोमेट्रिक करवाने के लिए महिलाओं को अनाजमंडी आना पड़ेगा। जो सही नहीं है। सरकार की ओर से लागू किए गए पोर्टल पर इस बायोमेट्रिक स्कैनिंग को बंद करना चाहिए ताकि किसान सरलता से अपनी फसल मंडियों में बेच सके।
-विजेंदर सिहाग, खारी सुरेरा, किसान



सरकार कहती है कि किसान कहीं भी फसल बेच सकते हैं लेकिन यहां अपनी ही मंडी में हमें पहचान साबित करनी पड़ रही है। यह किसानों के साथ अन्याय है। जबकि किसान अपनी फसल सरकार को ही तो बेच रहा है फिर किसानों के साथ दूसरे देश के नागरिक होने जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। - प्रकाश ममेरा, किसान
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