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किसानों को दे दिए बिना रिकॉर्ड के नलकूप कनेक्शन

Mon, 24 Apr 2017 12:48 AM IST
amarujala/Sirsa
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क्षेत्र में पिछले करीब एक वर्ष से नलकूप के अवैध कनेक्शनों का गोरखधंधा चल रहा है। सरकारी नियंत्रण से उठाए गए बिजली पोलों पर हजारों वाट का लोड बढ़ गया फिर भी बिजली निगम के नाथूसरी चोपटा कार्यालय के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ये मामला तब उजागर हुआ जब कुछ दिन पूर्व बिजली निगम की हिसार विजिलेंस टीम ने गांव रूपावास के एक किसान के खेत में छापेमारी कर जुर्माना लगा दिया। फिर एक के बाद एक मामले खुलते गए और पिछले दो दिन में करीब एक दर्जन नलकूप कनेक्शन फर्जी मिले हैं।
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गांव रूपावास के किसान विक्रम, सुमित्रा, कंवर भान, विजय सिंह, कृष्ण ने जमाल चौकी पुलिस में दी
शिकायत में बताया कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने नलकूप का कनेक्शन लिया था जिसके लिए उन्होंने
करीब ढाई-ढाई लाख रुपये ठेकेदार सुरजीत निवासी शेरपुरा को दिए थे जिसके रसीद उनके पास है।
उनका कनेक्शन हो गया लेकिन पिछले एक वर्ष में उनके पास बिजली निगम की तरफ से बिल नहीं आ
रहे थे। छह अप्रैल को बिजली निगम हिसार की विजिलेंस टीम ने एक किसान सुनील के खेत में लगे नलकूप  
पर छापेमारी की व उसका रिकॉर्ड बिजली निगम चोपटा से मांगा गया। लेकिन वहां उक्त कनेक्शन का
कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। किसानों ने शिकायत में कहा कि उसके बाद 20 अप्रैल को बिजली
निगम की टीम ने उनके बिजली कनेक्शन फर्जी बताकर काट दिए व मीटर तथा ट्रांसफार्मर अपने कब्जे में
ले लिए। आरोप है कि जब टीम को उन्होंने कनेक्शन के लिए जमा करवाई सिक्योरिटी फीस व एस्टीमेट
फीस की रसीद दिखाई तो उसे भी अधिकारियों ने फर्जी बता दिया। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार ने
उनसे बहुत बड़ा धोखा किया है।

कमेटी कर रही जांच
नाथूसरी चोपटा बिजली निगम के एसडीई रवि कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर टीम बनाई
गई है जो चोपटा क्षेत्र के अवैध कनेक्शनों की जांच कर रही है। फिलहाल सात नलकूपों के अवैध कनेक्शन
पकड़े हैं। फिलहाल इस मामले में वो इससे ज्यादा कुछ भी नहीं बता सकते। वहीं किसानों को चोपटा बिजली निगम कार्यालय से उठवाए गए पोल के संबंध में उन्होंने कहा कि एरिया का जेई पोल उठवाकर कनेक्शन करता है।
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मुझे कोई जानकारी नहीं
बिजली निगम के एरिया इंचार्ज रणजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके यहां के कार्यभार
संभालने से पहले के ये कनेक्शन थे जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

रसीद कहां छपवाई पता नहीं
इस बारे में नाथूसरी चोपटा कार्यालय में कार्यरत कैशियर जय सिंह से बात की गई तो उसने बताया
कि पीड़ित किसानों के पास जो रसीद हैं उन पर न तो उसके साइन हैं और न ही रसीदों पर उनकी
लिखाई है। उसको पता नहीं की ठेकेदार वे रसीद कहां से छपवाई हैं। विभाग के रजिस्टर में इनकी कोई एंट्री
नहीं है।
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