सिरसा। खरीफ-2022 के मुआवजे, ओटू से बणी फल्डी नहर पर साइफन, खाद की समस्या हल करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गेट के आगे ही धरना देकर बैठ गए। किसानों ने बिजली, पानी, सिंचाई, कृषि सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करने की मांग उठाई। किसानों की 10 सदस्यीय कमेटी ने अधिकारियों के साथ एक घंटे तक बैठक की। कई मांगों पर किसानों को आश्वासन मिला, जिसके बाद किसानों ने यहां से धरना खत्म कर दिया।
सोमवार को राष्ट्रीय किसान मंच के सदस्य एकत्र होकर लघु सचिवालय के समक्ष पहुंचे। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने की। किसान ने लघु सचिवालय के समक्ष ही धरना दे दिया। सुरक्षा दृष्टि से पुलिस ने सचिवालय के गेट को बंद कर दिया और आवाजाही बंद कर दी। वहीं, किसानों से मिलने के लिए तहसीलदार विनती पहुंचे। यहां पर किसानों ने कहा कि उन्होंने कोई मांग पत्र नहीं सौंपना है। वह विभागों के अधिकारियों से बैठक करने के लिए पहुंचे हैं। इसके बाद, तहसीलदार ने उनकी बैठक करवाने को लेकर आश्वासन दिया। इसके कुछ समय बाद एसडीएम राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की कमेटी बनाने को लेकर बात कही। किसानों ने 10 सदस्यीय कमेटी बना ली। कमेटी में किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, जिला अध्यक्ष बलवंत सिंह, दलीप सिंह, सुखदीप सिंह, हैपी रानियां, दलजीत दयौल, राजेंद्र सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस मौके पर किसानों की एसडीएम, बिजली निगम अधिकारी, सिंचाई विभाग अधिकारी, कृषि विभाग अधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसमें किसानों को जल्द ही मुआवजा जारी करने, बिजली की समस्या का समाधान करने, ओटू हेड से बणी फल्डी नहर पर जल्द ही साइफन बनाने को लेकर आश्वासन मिला है। वहीं, किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का जल्द ही समाधान नहीं निकला तो वह पक्का मोर्चा लगाने को लेकर भी मजबूर होंगे। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक किसानों ने मुख्य गेट के समक्ष धरना दिए रखा और नारेबाजी करते रहे।