रानियां। गांव धनुर के नजदीक के खेतों में घग्गर धार का पानी ओवरफ्लो होने से सैकड़ों एकड़ फसलें पानी से भर गईं। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इस मौके पर धार के बाहर खेती कर रहे किसानों ने एकत्रित होकर विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने फसलों के हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है।
किसान अशोक कुमार, कश्मीर सिंह, बलबीर सिंह, शीवरप्रीत कौर व अन्य ने बताया कि उन्होंने खेत धार के बाहर की साइड में 80 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ठेके पर ले रखी है। इसमें उन्होंने अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए प्याज, टमाटर, खीरा, कक्कड़ी, तर, कदू, भिंडी, ज्वार और धान की पनीरी लगा रखी है।
किसानों ने बताया कि इस समय उनके खेतों में सब्जी पकी हुई थी जो जलभराव से पूरी तरह से नष्ट हो गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि बुधवार रात को उन्हें पता चला कि धार में जल स्तर अचानक से बढ़ गया। इससे धार पर बना छोटा बांध टूट गया और उनके खेतों में पानी भरने से पकी हुई फसलें बर्बाद हो गईं।
किसानों ने बताया कि ओटू हेड पर मरम्मत कार्य करने पर झील से पहले बांध लगा रखा है। इससे पीछे से आ रहा पानी झील में न पहुंचकर धार में एकत्रित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने घग्गर के बढ़ते जल स्तर का बिलकुल ध्यान नहीं दिया और न ही जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए झोरड़नाली से निकलने वाली घग्गर चैनलों में पानी छोड़ा।
किसानों ने बताया कि झोरड़ नाली से निकलने वाली चैनलों पर पडने वाले किसान रोज पानी की मांग कर रहे हैं, लेकिन पानी उनको न देकर धार में नियंत्रित करने की कोशिश की गई। इसमें विभागीय अधिकारी नाकाम रहे और उसका खामियाजा धार में फसलें पका रहे किसानों व उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने उनकी पकी फसलों में पानी भरने से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग रखी है।