सिरसा। परविंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाने और नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग को लेकर मानसा में चल रहे धरने में सिरसा और फतेहाबाद के किसान व युवा शामिल हुए।
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के नेतृत्व में दोनों जिलों से निकला वाहनों का काफिला सरदूलेवाला कैचियां पर एकत्रित होने के बाद मानसा पहुंचा। धरने में नशे की बिक्री रोकने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई। बीकेई अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए संघर्ष किया था।
उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। औलख ने मांग की कि जिस क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री होती है वहां के संबंधित पुलिस अधिकारियों, ड्रग निरीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। नशे के सेवन या ओवरडोज से किसी युवा की मौत होने पर मामले की जांच होनी चाहिए।
जांच में अधिकारियों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब और हरियाणा के गांवों व शहरों में नशीली गोलियों, कैप्सूल और चिट्टे की बिक्री हो रही है।
उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति व बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। सरकारी नशामुक्ति अभियानों के साथ नशीले पदार्थों की बिक्री के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।