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आंदोलन में भाग लेकर दिल्ली से लौटे किसान की हार्ट अटैक से मौत

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किसान आंदोलन में दिल्ली रवाना होता किसानों का जत्‍था। - फोटो : Sirsa
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तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए दिल्ली आंदोलन में भाग लेकर लौटे गांव हैबुआना के किसान कवलजीत सिंह की शनिवार को मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया। वहीं सोमवार को किसान बाजारों में लोगों से आठ दिसंबर को बाजार बंद रखने के लिए मुनादी करेंगे। ताकि भारत बंद को सफल बनाया जाए। किसानों के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी यूनियन भी आठ दिसंबर के भारत बंद को सफल करने की अपील करेंगी।
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बता दें कि रविवार को सिरसा के दड़बी, ख्योवाली गांव से किसानों का जत्था दिल्ली रवाना हुआ। जिले से दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए किसानों को जाने का क्रम निरंतर जारी है। दूसरी ओर शनिवार को गांव हैबुआना निवासी किसान कमलजीत सिंह की डबवाली के खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर मौत हो गई। किसान कमलजीत सिंह दिल्ली के टिकरी बॉर्डर से किसान आंदोलन में भाग लेकर लौटा था। जिसके बाद वह शनिवार शाम बस से पांच अन्य किसानों के साथ खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में भाग लेने के लिए पहुंचा। जब वह बस से उतरकर धरना स्थल की ओर बढ़ रहा था तो अचानक उसे दौरा पड़ा और वह नीचे गिर गया। जिसके चलते किसान के सिर में चोट लग गई। किसान कमलजीत को उपचार के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिरसा रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
थाना प्रभारी दलेराम ने बताया कि पुलिस मृतक के भाई कुलविंद्र सिंह के ब्यान पर इत्तफाकिया घटना की कार्रवाई दर्ज की है। किसान नेता गुरप्रेम सिंह ने बताया कि कमलजीत सिंह किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली गया था। वापस आते समय उसके साथ गांव हैबुआना निवासी किसान गुरसेवक व गांव मसीतां के अन्य किसान थे।
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दिल्ली आंदोलन में शामिल होने गांव खोखर से किसानों का जत्था रवाना
कालांवाली के गांव खोखर से रविवार को किसानों का जत्था दो ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर कई माह का राशन साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इसके अलावा गांव के किसान संगठनों ने किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिल्ली अंदोलन में शामिल होने की अपील की। किसानों सेवक संधू, गुरसाबिव सिंह, गुरसेवक सिंह, हरि मनजिंदर, जैलदार जसप्रीत रमाना, गुरप्रीत हरि, मिठू सरपंच, मनजिंदर सिंह, दलजीत सिंह, चमकौर सिंह, अर्शदीप सिंह, राम संधू, कमलजीत, नायब रमाना, पिदी रमाना, मैन सिंह मिस्त्री ने बताया कि सरकार नेे तीन कृषि कानून बनाकर किसानों व मजदूरों को खत्म करने और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। कृषि कानून के खिलाफ देशभर में अन्नदाता आक्रोशित व आंदोलित है। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान व जवान आमने-सामने हैं। सरकार की ओर से जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते। तब तक किसानों का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
भारत बंद का समर्थन करती है कांग्रेस : शर्मा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा ने कहा कि 8 दिसंबर को किसान संगठनों का भारत बंद ऐतिहासिक होगा। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत बंद का खुला समर्थन करती है। साथ ही व्यापारियों, आढ़तियों, मजदूरों, कामगारों से अपील करती है कि वे भारत बंद में पूर्ण सहयोग करें, ताकि इस गूंगी बहरी सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाया जा सके।
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