ओढ़ां। गांव ओढ़ां से नुहियांवाली जाने वाले रास्ते पर किसान ने धरना देकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। 18 नवंबर को न्यायालय के फैसले के बाद लगभग 12 मरले भूमि, जिस पर पिछले करीब 30 वर्षों से मार्केटिंग बोर्ड द्वारा सड़क बनाई गई थी, जो किसान सुभाष जांगू के नाम दर्ज की गई।
किसान सुभाष जांगू ने बताया कि उन्होंने उक्त सड़क को दोनों ओर से खोदकर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड ने सड़क के पास उनकी गेहूं की फसल से गुजरने के लिए अस्थायी रास्ता बना दिया। तब से वाहन इसी कच्चे रास्ते से गुजर रहे हैं। किसान ने आरोप लगाया कि मार्केटिंग बोर्ड ने उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर कच्चा रास्ता बना दिया है, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ आसपास के खेतों को भी नुकसान हो रहा है। वाहनों के चलते मिट्टी उड़ने से फसलें खराब हो रही हैं। उनके साथ लगते किन्नू के बाग पर भी धूल-मिट्टी का विपरीत असर पड़ रहा है।
सुभाष जांगू ने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड ने केवल 3.5 फुट जगह जलघर के लिए छोड़ी है, जबकि बाकी भूमि पर अवैध कब्जा कर रास्ता बना दिया गया। उन्होंने मांग की कि बोर्ड उनके साथ लगती भूमि अधिग्रहित करे और वहां पक्की सड़क बनाई जाए।
हमने पैमाइश की रिपोर्ट के लिए तहसीलदार को पहले भी पत्र लिखा था। आज दोबारा पत्र भेजा गया है। रिपोर्ट के लिए 2 दिन का समय मांगा गया है। बिना रिपोर्ट के यह कैसे तय होगा कि सड़क का वास्तविक मार्ग कहां से है। यह सड़क वर्ष 1982 से बनी हुई है। तहसीलदार की पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, उसके बाद ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। - लखबीर सिंह, एसडीओ (मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली)