सिरसा। डबवाली के गांव पीपली में जननायक जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव दिग्विजय चौटाला का जमकर विरोध हुआ। लोगों ने काले झंडे दिखाए और धरना लगा दिग्विजय चौटाला को गांव में घुसने नहीं दिया। इस कारण उन्हें लौटना पड़ा। किसानों के साथ उनकी करीब 20 मिनट तक बहस हुई। किसानों ने उन्हें जमकर खरी-खरी सुनाई।
किसानों ने कहा कि आज बीजेपी विरोधी हैं तो मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाएं। इस पर दिग्विजय ने मुस्कुराकर कहा कि मैं तो पहले दिन से ही भाजपा के खिलाफ हूं। वहीं किसान बोले- आपके पापा ने किसान आंदोलन को बीमारी कहां था। क्या हम बीमारी है। अगर हम बीमारी हैं तो हमारे पास क्यों आए हो। इस पर दिग्विजय चुप्पी साध गए और मुस्कुरा दिए, और बोले- मैं हमेशा बीजेपी के खिलाफ था और आगे भी रहूंगा। किसान बोले- भविष्य में आपको क्या भरोसा कि वोट लेने के बाद बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे। चौटाला बोले आपको मेरा भरोसा करना होगा।इसके बाद लोगों ने जेजेपी और बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाए। हालांकि बाद में जेजेपी के जिलाध्यक्ष रणदीप सिंह मटदादू ने कहा कि यह प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित था। कोई बात सुनने को तैयार नहीं था।
ऐसे चले किसानों और दिग्विजय में सवाल-जवाब
किसान : आप लोग चार साल बीजेपी में शामिल रहे।
दिग्विजय : कौन गया था बीजेपी में, हम बीजेपी में शामिल नहीं हुए। आप लोगों के काम करवाने के लिए समर्थन दिया था।
किसान : कौन से काम आपने करवाए?
दिग्विजय : महिलाओं को आरक्षण दिलवाया, आठ प्रतिशत बैकवर्ड को आरक्षण दिया। किसानों की सारी फसलों की खरीद की।
किसान : कौन सी फसलों की खरीद करवाई। किसान तो आंदोलन में थे। आंदोलन के दौरान किसानों पर गोलियां चलवा रहे थे और दिल्ली जाने नहीं दिया, तब आप कहां थे?
दिग्विजय : बताओ मेरे साथ क्या समझौता करना चाहते हो। मैं पहले नहीं रला, न ही बाद में रलूंगा।
किसान : आपने भाजपा के खिलाफ वाली कौन सी बात कहीं। आप अवरोधक हटवाने क्यों नहीं आए? क्या दुष्यंत और नैना चौटाला साथ नहीं थे? कौन साथ नहीं था। हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं, हमारे गांव में मत आओ। जो काम तुसी पहले कित्ता है, उस दा धन्यवाद।
आपके पास बहुत पावर है चले जाओ
रास्ता रोकर धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि चार साल दिल्ली नहीं जाने दिया। आप लोगों ने पूरी ताकत दिखाई। आज भी हमें कूटकर चले जाओ, आपके पास बहुत ताकत है।