नागरिक अस्पताल के साथ स्थित झूंथरा वाटिका में रविवार को जन औषधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औषधि केंद्र संचालक और लाभार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही आंदोलनकारी किसान मौके पर पहुंचे और स्क्रीन को बंद कर दिया। किसान आधे घंटे तक सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
रविवार को जन औषधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। झूंथरा वाटिका के साथ ही एक जन औषधि कार्यालय को उद्घाटन किया गया। संवाद कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ। इसके पश्चात किसान नेता लखविंद्र सिंह ओलख, गुरदीप सिंह, मैक्स साहुवाला व अन्य किसान एकत्रित होकर वहां पर पहुंच गए। किसानों के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल तैैनात कर दिया। किसानों ने कार्यक्रम में पहुंचते ही एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन पर चल रहा पीएम का संवाद कार्यक्रम बंद कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके पश्चात पुलिस कर्मियों ने किसानों को समझाना शुरू कर दिया और कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों को बाहर भेज दिया। इस दौरान किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
किसान बोले- प्रधानमंत्री अब मन की बात नहीं काम की बात करें
कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री अब मन की बात नहीं बल्कि काम की बात करें। मन की बात वह घर पर करें। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन चल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मन की बात पर ही रुके हुए हैं। किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानूनों को प्रधानमंत्री वापस नहीं लेते तो वह न तो मन की बात करने देंगे और न ही किसी को उनकी बात सुुनने देंगे।
जाट धर्मशाला में होने वाला कार्यक्रम भी हुआ रद्द
महिला दिवस पर जाट धर्मशाला में संस्था की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था। कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं को मुख्यातिथि बनाया गया था। किसानों को कार्यक्रम की सूचना मिलने के बाद किसानों ने कार्यक्रम में विरोध करने की चेतावनी दे दी। इसके पश्चात कार्यक्रम के आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया।